गांव भूरेका में सोमवार को किसान गोष्ठी हुई। इसमें भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा नई दिल्ली के वैज्ञानिकों ने उन्नत खेेती के तरीके सुझाए। इसके साथ ही किसानों के सवालों का जवाब दिया। हाल ही में गांव के प्रगतिशील किसान सुधीर अग्रवाल को उन्नत बीज तैयार करने के लिए ‘नास (नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंस)’ ने सिल्वर जुबली अवार्ड से सम्मानित किया है।
गोष्ठी में पूसा के जाइंट डायरेक्टर डा. जेपी शर्मा ने कहा कि किसान पुराने ढर्रे को छोड़कर नई तकनीक के साथ खेती करें। प्रधान वैज्ञानिक डा. एमके वर्मा ने फलों से सबंधित खेती के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस इलाके में अमरुद, नीबू, मौसमी, आंवला, करौंदा की खेती की अधिक संभावना है।
इससे अच्छी पैदावार मिलेगी। पूसा के आनुवांशिक विभाग के अध्यक्ष डा. एके सिंह ने धान की नई किस्म, बीज विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. डीके यादव ने सरसों की खेती और वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. आरके यादव ने सब्जी उत्पादन के बारे में जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. एसएल मीणा ने किसानों को सब्जियों की खेती में बीजों की मात्रा, उनका उपचार और नर्सरी की तैयारी के बारे में बताया।
गोष्ठी में मौजूद सीडीओ आंद्रा वामसी ने ऑरगेनिक खेती पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सिक्किम जैसे छोटे राज्य ने आर्गेनिक स्टेट का दर्जा प्राप्त कर लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान ब्लाक मुख्यालय पर जाकर जानकारी लें। कार्यक्रम आयोजक सुधीर अग्रवाल और यूपी सीड ग्रोवर एसोसिएशन के मंत्री अंकित अग्रवाल ने मुख्य विकास अधिकारी से गांव को सौर ऊर्जा से पूर्ण कराने की मांग की।
धान रोपाई की मशीन बनी कौतूहल
नौहझील। किसान गोष्ठी में धान की रोपाई के लिए नई मशीन किसानों के बीच कौतूहल का विषय बनी रही। क्षेत्र में धान की रोपाई अब तक किसान अपने हाथों से करते हैं। इसमें काफी शारीरिक श्रम करना पड़ता है। ट्रैक्टर की एक निजी कंपनी ने इस मशीन को ईजाद किया है। सुधीर अग्रवाल ने बताया कि मजदूर एक स्क्वायर मीटर में धान के 15-16 पौधे लगाते हैं जबकि यह मशीन 30 से 35 के बीच में लगाएगी।