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Soil Testing: खेत की मिट्टी बताएगी कौन सी फसल की पैदावार होगी अच्छी, जैविक खेती को भी मिलेगा बढ़ावा

Tue, 06 May 2025 10:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

किसान अपने मन के अनुसार फसल करते हैं। ऐसे में फसल की पैदावार कम होने से उन्हें नुकसान झेलना पड़ता है। इसी को देखते हुए अब मिट्टी की जांच की जा रही है। 
 
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मथुरा। छाता के गांव सेही में मिट्टी के नमूने लेते कृषि अधिकारी। - फोटो : mathura
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विस्तार
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मथुरा में मिट्टी की गुणवत्ता जानने के लिए कृषि विभाग की टीम विशेष अभियान चलाकर मिट्टी के नमूने ले रही है। टीम जिले के 140 गांवों में पहुंचकर कुल 14 हजार नमूने लेगी। इसके सापेक्ष अब तक 1581 नमूने एकत्रित किए जा चुके हैं।
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जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि अच्छी फसल उत्पादन के साथ किसानों को अब अपने खेतों की मिट्टी के आधार पर जानकारी मिलेगी। सोमवार को चौमुहां के सेही गांव में पहुंचे आगरा में उप कृषि निदेशक (भूमि संरक्षण) नीरज राहन ने किसानों ने वार्ता कर मिट्टी के नमूने लिए।
 

उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। नमूनों की जांच के बाद किसानों को मिट्टी की जानकारी दी जाएगी। जिनके आधार पर किसान वैज्ञानिक ढंग से फसलों का चयन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि मृदा परीक्षण से न सिर्फ मिट्टी की उर्वरता का पता चलेगा, बल्कि जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

 
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विशेषज्ञों का कहना है कि मृदा स्वास्थ्य के अनुरूप ही खाद, बीज और फसलों का चयन करना अधिक लाभदायक रहेगा। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। मिट्टी के विभिन्न गुणों का विश्लेषण, जैसे कि पीएच, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व विश्लेषण के बाद, रिपोर्ट तैयार होगी, जिसके तहत किसानों की मिट्टी की स्थिति और उचित उर्वरक प्रबंधन के बारे जानकारी मिल सकेगी।
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