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नवजात की मौत, हंगामा

Sun, 23 Apr 2017 12:24 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला
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हंगामा
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वृंदावन में सौ सैया संयुक्त जिला अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई। नाराज परिवारीजनों ने खूब हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर और अटेंडेंट पर इलाज में लापरवाही व अभद्रता करने का आरोप लगाया है। मामले में अस्पताल के सीएमएस ने परिजनों को शांत करने के लिए दो चिकित्सकों की टीम बनाकर जांच के आदेश दिए हैं।
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गौरा नगर कालोनी निवासी शंकर गौतम की पुत्रवधु पूर्वी को प्रसव पीड़ा होने पर शनिवार सुबह 4 बजे अस्पताल में भर्ती कराया था। उसने सुबह 9.30 बजे बच्चे को जन्म दिया लेकिन बच्चे की तबियत बिगड़ गई। अस्पताल में सघन निगरानी कक्ष न होने के कारण डॉक्टर एके गुप्ता ने बच्चे को जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

इसके बाद शंकर ने 108 एंबुलेंस के लिए कॉल की, पर काफी देर तक एंबुलेंस नहीं आई। तो परिजन निजी कार से बच्चे को ले जाने लगे। लेकिन, रेफर करने के लिए डॉक्टर और अटेंडेंट द्वारा एमआरडी रजिस्टर की प्रक्रिया में लगभग एक घंटे से अधिक लगा दिया और इस दौरान बच्चे को वैकल्पिक उपचार भी नहीं दिया गया।
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इलाज में बरती गई इस लापरवाही से बच्चे की मौत हो गई। इससे परिवारीजन भड़क गए, उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कुछ ही देर में पुलिस भी पहुंच गई। मौके पर पहुंचे भाजपा नगर अध्यक्ष राजेश पंडित, सुनील चतुर्वेदी, हेमंत भारती, राघव भारद्वाज द्वारा अस्पताल प्रबंधन को आडे़ हाथों लेते हुए मामले की जांच की मांग की।

जन्म के समय बच्चे की हालत बहुत खराब थी, जिसे जिला अस्पताल में रेफर करने की प्रक्रिया चल रही थी उसी दौरान बच्चे की मौत हो गई। अटेंडेंट की बदसलूकी की जांच के लिए डॉ. पीयूष चौबे और डॉ. संजीव गुप्ता की टीम को जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट सोमवार तक मिलेगी। इसके बाद दोषी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
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डॉ. एसके मजूमदार, सीएमएस
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