राधाकुंड। अहोई अष्टमी पर संतान प्राप्ति मातृत्व की कामना के साथ देश के कोने-कोने से आए दंपतियों ने सोमवार की अर्धरात्रि 12 बजे राधा श्याम कुंड के संगम पर स्नान किया। तो वहीं गोद भरने के बाद अपने बच्चों के साथ स्नान करने वाले भी कम नहीं थे। विदेशों से आए दंपतियों ने भी स्नान करके मन्नत मांगीं।
स्नान करना है और काफी भीड़ भी है। यह सोचकर स्नान करने वाले भक्त घड़ी और मोबाइल अपने स्थान पर सुरक्षित रखकर आए थे। जैसे-जैसे वक्त शुभ घड़ी की ओर बढ़ने लगा तो सही वक्त पर इंतजार करने वाले होठों से राधे-राधे निकलने लगा। माइक से आवाज आई बोल राधा रानी की जय और निसंतान दंपत्ति राधारानी कुंड में स्नान करने लगे। संवाद
आठ घंटे पहले फूल हो गए राधा रानी के घाट
जो दंपती आधुनिक चिकित्सा से निराश थे। यह उनका विश्वास ही था कि 12 बजे स्नान करने के लिए शाम छह बजे से राधा रानी के घाट पर बैठ गए। श्रीराधा रानी से संतान का वरदान प्राप्त करने के लिए घाटों पर बैठकर शुभ मुहूर्त का इंतजार करने लगे।
युवाओं ने संभाली व्यवस्था
राधाकुंड। भीड़ की अधिकता को देखकर स्थानीय युवाओं की टोली ने व्यवस्थाएं संभाली भीड़ को नियंत्रित करने और कुंड में डूबने से बचाने के लिए स्थानीय गोताखोरों ने अपनी सेवाएं दीं।
घाटों पर दीपदान कर मांगी मनौती
अहोई अष्टमी पर अर्धरात्रि 12 बजे स्नान करने से निसंतान दंपती को संतान का सौभाग्य प्राप्त होता है। राधा रानी की कृपा से राधाकुंड का अमृत रूपी जल का पान करने के लिए सहज भाव से राधाकुंड पहुंचते हैं। जल रूप में विराजमान राधा श्याम कुंड के घाटों पर रंगोली और दीपदान करते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के रहे पुख्ता इंतजाम
अहोई अष्टमी मेले के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के खास इंतजाम किए। मेला अधिकारियों ने मेला व्यवस्था की कमान संभाली। डॉग स्क्वैड, बम निरोधक दस्ता अन्य सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। राधाकुंड व आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था यातायात व्यवस्था को सुधार करने हेतु भ्रमण कर अहोई मेल व्यवस्थाओं का डीएम एसएसपी द्वारा निरीक्षण किया गया।
राधा रानी की भक्ति में डुबे रहे भक्त
हाथ में माला झोली गले में तुलसी की कंठी मुख में राधा नाम लिए भक्तों ने राधा श्याम कुंड की परिक्रमा लगाई। हरि नाम संकीर्तन के बीच भक्तों की टोली उत्साह के साथ नाचते-गाते परिक्रमा लगा रही थी। भक्ति के गीत सभी का मन मोह रहे थे।
पुत्र की चाह में पहुंची महिलाएं
पेलीकुला से आई नेहा ने बताया पिछले साल वह स्नान करने के लिए आई थी। उन्हें पुत्री की प्राप्ति हुई उन्होंने अपनी पुत्री का नाम राधा रखा है। महाराष्ट्र से आईं अंकिता चौधरी ने बताया उनकी शादी को 5 वर्ष बीत चुके है। अभी तक उन्हें कोई संतान नहीं हुई है। राधा रानी के दरबार में संतान की इच्छा लेकर आई हूं। कानपुर से आई नेहा सारस्वत ने बताया पुत्र की आस लेकर राधा रानी की कृपा प्राप्त करने यहां आई हूं।
व्रत रखकर महिलाओं ने की संतान की दीर्घायु की कामना
सोमवार को माताओं ने संतान की दीर्घायु की कामना कर अहोई अष्टमी व्रत रखा शाम को अहोई माता की पूजा अर्चना कर व्रत खोला। कई स्थानों पर सामूहिक पूजन किए गए। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर प्रतिवर्ष यह पर्व मनाया जाता है। घरों में पकवान बनाए गए। माता ने कैलेंडर लगाकर अहोई माता की पूजा अर्चना कर कथा सुनी पुत्र पुत्री के मस्तक पर तिलक लगाकर लाल धागे का रक्षा सूत्र बांधा व्रत का पारण माता ने तारे देख किया।