कोसीकलां। कोटवन-नवीपुर औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरियों से निकलने वाले जहरीले पानी को पीने से 12 भैंसों की मौत के बाद प्रदूषण विभाग ने तहसील टीम के साथ मिलकर चार फैक्टरियों को सील कर दिया। अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इससे फैक्टरी संचालकों में खलबली मच गई है।
शनिवार को बयाना राजस्थान के गांव सिंगरावली निवासी विजय सिंह, सबरन सिंह, लक्खों आदि साथियों के साथ औद्योगिक क्षेत्र में डेरा डाल रखा था। औद्योगिक क्षेत्र से गुजरने वाले रजबहा में शनिवार को उनकी भैंस पानी उतर गईं। रजबहा में बह रहे फैक्टरियों के पानी को मवेशियों ने पी लिया। इससे 13 भैंसों की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद प्रदूषण विभाग ने वहां संचालित फैक्टरियों से प्रदूषित पानी के नमूने एकत्रित कर जांच को भेज दिए।
मंगलवार को प्रदूषण विभाग के सहायक अभियंता डीके गुप्ता, रीजनल अधिकारी मनोज कुमार चौरसिया ने तहसीलदार विवेकशील यादव के साथ औद्योगिक क्षेत्र में पहुंचे जहां उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को सील करना शुरू कर दिया।
सहायक अभियंता गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण फैलाने वाली 14 इकाइयों को सील करने के आदेश उन्हें लखनऊ से प्राप्त हुए हैं। देर शाम तक चार इकाइयों को सील कर दिया गया। दो इकाइयों के आदेश आने बाकी है। आदेश मिलते ही उन पर भी सील करने की कार्रवाई की जाएगी।