अधिक मास के रंग और ठाकुरजी की लीला, धर्मनगरी में इन दिनों यही जुगलबंदी जोरों पर है। नगर के ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में साल भर होने वाले आयोजन इस एक माह में मनाए जा रहे हैं। कभी दीपावली सी जगमग तो कभी फाग का उल्लास भक्तों को आनंदित कर देता है। ठाकुरजी भी नित नए वेश भक्तों के सामने प्रकट होते हैं। इस क्रम में मंगलवार को लता-पता के बीच युगल सरकार रूप भक्तों कृतार्थ कर रहा था। समाज गायन भी हुआ।
मंगलवार को ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में जब ठाकुरजी ने युगल सरकार वेश में भक्तों को दर्शन दिए तो यह क्षण अभिभूत करने वाला रहा। प्रिया-प्रियतम के रूप में ठाकुरजी की मनोहारी छवि सभी को आकर्षित कर रही थी। दर्शनों का यह क्रम तक देर रात तक जारी रहा। बड़ी संख्या में विदेशी भक्तों ने भी दर्शनों का लाभ लिया।
इस अवसर पर राकेश मुखिया के समाज गायन में पद कनक बेल श्री राधिका, सुंदर श्याम तमाल, दोऊ मन मिल एकई भए, राधा वल्लभलाल... और जब से राधाश्याम के नैन भयै चार, श्याम बने राधिका राधा बन गई श्याम..., ठाकुर राधावल्लभ लाल मन रखियौ अपने चरन में... भजन गाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। इस अवसर सेवायत टीकैट अधिकारी राधेशलाल गोस्वामी, मोहित मराल गोस्वामी, उदित गोस्वामी, गौरव गोस्वामी, आनंद गोस्वामी, कन्हैया गोस्वामी आदि उपस्थित थे।