अधिक माह (पुरुषोत्तम मास) के अंतर्गत ब्रज के मंदिरों में विभिन्न मनोरथों का आयोजन जारी है। शहर के अलग-अलग मंदिरों में इसे उत्सव की तरह मना रहे हैं। यमुना में स्नान करने की होड़ है और ठाकुरजी की मनोरम झांकी निहारने के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा है।
शहर के प्राचीन ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में रविवार शाम को शयन दर्शनों में आसमानी घटा सजाई गई। इस दौरान ठाकुरजी की आभा देखते ही बन रही थी। श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से अपने आराध्य को निहारा। दोपहर में आयोजित भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव (नंदोत्सव), बाललीला, महारास कथा का रसपान कराया गया।
खारी कुआं स्थित आदि दीर्घविष्णु मंदिर में पाटोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचामृत से महाभिषेक किया गया। मध्यान्ह में शास्त्रीय संगीत के साथ बधाई गायन हुआ। शाम को भव्य फूलबंगला सजाया गया। इस अवसर पर सेवायत कांतानाथ चतुर्वेदी, बालकृष्ण, लालकृष्ण चतुर्वेदी, बालकृष्ण अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल आदि थे।
श्रीगोपाल वैष्णवपीठ मंदिर में निकुंजोत्सव और दानलीला मनोरथ का आयोजन किया गया। ठाकुरजी को सुगंधित पुष्पों के निकुंजों में विराजमान किया गया। दानलीला भाव के लिए इसे गहवरवन और सांकरी खोर का स्वरूप प्रदान किया गया था। मंदिर में ब्रज संकीर्तन और समाज गायन मनोहारी था। इस अवसर पर गोपाल बाबा, कुंज किशोर बाबा, यदुनंदन लाला बाबा, मकरंद बाबा आदि थे।
महोली रोड स्थित प्राचीन दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर पर कलश स्थापना के साथ ही श्रीमद्भागवत कथा शुरू हुई। इसमें व्यासपीठ से भागवताचार्य विजयानंद संक्रांति ने कहा हर व्यक्ति को इस माह में सत्कर्म करना चाहिए। भागवत के प्रत्येक अक्षर में भगवान श्रीकृष्ण राधा के साथ वास करते हैं।
आज गुलाबी गणगौर में विराजेंगे द्वारिकाधीश
श्रीद्वारिकाधीश मंदिर में मनोरथों के क्रम में सोमवार को शयन दर्शन छह बजकर 15 मिनट पर राजाधिराज गुलाबी गणगौर के रूप में भक्तों को दर्शन देंगे।