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Mathura News: अस्पताल में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई

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बल्देव मेडीकोज पर कार्रवाई के दौरान मौजूद पुलिस
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नौहझील। क्षेत्र के एक अस्पताल में अवैध रूप से चल रहे मेडिकल स्टोर में सोमवार देर शाम औषधि निरीक्षक की टीम ने कार्रवाई की। मेडिकल का लाइसेंस मांगने पर कूटचरित तरीके से बनाया गया लाइसेंस दिखाया गया। औषधि निरीक्षक ने कार्रवाई करते हुए मेडीकल स्टोर में मौजूद औषधियों को जब्त कर सीज किया है। अस्पताल संचालक, फार्मासिस्ट व मेडिकल संचालक सहित तीनों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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औषधि निरीक्षक प्रेम पाठक ने बताया कि कस्बा बाजना के नौहझील-बाजना रोड़ स्थित श्री बलदेव अस्पताल में बलदेव मेडीकोज के नाम से बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा था। औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा के साथ मेडीकोज पर पहुंचे। जहां मौजूद युवक से आवश्यक औषधि लाइसेंस दिखाने को कहा। युवक ने बलदेव मेडीकोज, बलदेव अस्पताल, नौहझील रोड़ बाजना, प्रोपराइटर छाया कुमारी के नाम से लाइसेंस दिखाया। पोर्टल पर चेक करने पर लाइसेंस सादाबाद रोड़ के नाम से जारी पाया गया।

लाइसेंस कूटचरित तरीके से तैयार किया गया था। पूछताछ पर युवक ने बताया कि इस स्थान पर कोई लाइसेंस प्राप्त नहीं है। अस्पताल संचालक बलदेव निवासी भूपेंद्र सिंह, मेडिकल संचालक अवाखेड़ा निवासी गुलवीर सिंह हैं। भूपेंद्र सिंह का बल्देव हाईवे पर एक अन्य अस्पताल बल्देव अस्पताल के नाम से संचालित है। यह लाइसेंस वहां के लिए लिया गया था, जिसमें कूटचरित कर यहां के लिए लाइसेंस बनाकर प्रदर्शित किया गया है। सूचना पर थाना प्रभारी सोनू सिंह, बाजना चौकी प्रभारी यशपाल सिंह पहुंच गए। जिन्हें देख मेडिकल संचालक गुलवीर सिंह फरार हो गया।
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औषधि निरीक्षक ने सभी औषधियों को जब्त कर सीज किया है। इनकी अनुमानित कीमत लगभग ढ़ाई लाख रुपये बताई जा रही है। औषधि निरीक्षक ने अस्पताल संचालक भूपेंद्र सिंह, फार्मासिस्ट रूपेश व मेडीकल संचालक गुलवीर सिंह के खिलाफ तहरीर देकर केस दर्ज कराया है। मेडिकल स्टोर संचालक के भाग जाने से सीज औषधियों का नमूना नहीं लिया जा सका।



- दो साल से चल रहा था खेल
बिना लाइसेंस के अस्पताल में मेडिकल स्टोर दो साल से संचालित हो रहा था। औषधि विभाग के अधिकारियों ने जब लोगों से इसकी जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि मेडिकल स्टोर लगभग दो साल से संचालित हो रहा है। विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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