मथुरा। पिता-पुत्र पर जानलेवा हमले के आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायालय से राहत नहीं मिली है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास कुमार ने सुनवाई के बाद आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी कोर्ट से पूर्व में खारिज हो चुकी है।
महावन थाना क्षेत्र के नगला खेमा निवासी पिंकी ने 25 मई 2026 को गांव के ही पाली उर्फ प्रेमपाल, वीरेंद्र उर्फ बंटी, चेतन और अमित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। प्राथमिकी में उन्होंने कहा कि 22 मई की सुबह 6 बजे पिता कमल सिंह और भाई देवस्वरूप खेत पर जा रहे थे। रास्ते में सभी आरोपियों ने उन्हें घेर लिया लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसमें उनके भाई देव स्वरूप को गंभीर चोट आई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
पुलिस ने 26 मई को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से सभी को जेल भेज दिया। जेल में बंद वीरेंद्र उर्फ बंटी ने अधिवक्ता के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के अर्जी दाखिल की। जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोपी को अधिवक्ता ने उसे निर्दोष बताते हुए जमानत दिलाने का भरसक प्रयास किया,लेकिन डीजीसी क्राइम की दलील, घायलों की मेडिकल रिपोर्ट, गवाह और साक्ष्य के आधार पर जिला जज विकास कुमार ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इससे पूर्व चेतन, अमित एवं प्रेमपाल उर्फ पाली की जमानत अर्जी कोर्ट से खारिज हो चुकी है।