श्री बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने आई युवती बेहोश हो गई। चिकित्सीय टीम से प्राथमिक उपचार कराया और फिर उसे स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस तक ले गए, लेकिन गेट पर निश्चित जगह पर न तो एंबुलेंस दिखी और न ही चालक।
श्री बांकेबिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल उठने लगे हैं। सोमवार की शाम को एक युवती भीड़ में बेहोश हो गई। गार्ड ने पहले मंदिर में मौजूद चिकित्सीय टीम से प्राथमिक उपचार कराया और फिर उसे स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस तक ले गए, लेकिन गेट पर निश्चित जगह पर न तो एंबुलेंस दिखी और न ही चालक। चालक को फोन मिलाते रहे, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। आखिर में दूसरी एंबुलेंस को बुलाकर युवती को अस्पताल पहुंचाया गया।
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जानकारी के अनुसार, दिल्ली के नागलोई निवासी वंशिका पुत्री आंचल सोमवार शाम को परिजन के साथ ठाकुर श्री बांकेबिहारी के दर्शन के लिए आई थीं। मंदिर में भीड़ में फंसकर वह बेहोश हो गईं। सुरक्षा गार्ड उन्हें लेकर मंदिर में मौजूद चिकित्सीय टीम के पास ले गए। जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद जब वह ठीक नहीं हुईं तो मौजूद डॉक्टर ने अस्पताल ले जाने को कहा। सुरक्षागार्ड उन्हें एंबुलेंस तक ले गए, लेकिन वहां न तो एंबुलेंस नजर आई और न ही एंबुलेंस का चालक। मंदिर के मैनेजर को इस बात की जानकारी दी गई तब दूसरी एंबुलेंस वहां भेजी गई। युवती को सौ शैय्या अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस की देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी कमेटी के सदस्य सेवायत विजय कृष्ण गोस्वामी के पास है।
सदस्य सेवायत दिनेश गोस्वामी का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने मंदिर के प्रबंधक मुनीश शर्मा से बात की। तब उन्हें पता लगा कि चालक कहीं गायब हो गया था। काफी देर इंतजार के बाद दूसरी एंबुलेंस से युवती को अस्पताल भिजवाया। वह इस मामले में कमेटी की ओर से चालक के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी गलती न हो पाए।