मांट (मथुरा)। दहेज उत्पीड़न के मामले में विवेचक ने जानलेवा हमले की धारा बढ़ाकर वादी को लैपटॉप पर दिखाई। इसकी एवज में सवा लाख की रिश्वत ली। लेकिन चार्जशीट लगाने से पहले धारा हटा दी। इस पर वादी ने पैसे वापस मांगे तो दरोगा और सिपाही ने धमकाया। शिकायत पर एसएसपी श्लोक कुमार ने जांच के बाद दरोगा व सिपाही को निलंबित कर दिया।
मांट राजा निवासी स्वदेश शर्मा ने पिछले वर्ष 13 सितंबर को अपने दामाद अंकित, ससुर महेश व सास शशी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व घरेलू हिंसा की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घरेलू हिंसा में गंभीर रूप से घायल शिवानी का जिला अस्पताल के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा में चिकित्सकीय परीक्षण हुआ था, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर मांट थाने के दरोगा कपिल कटारिया व सिपाही सचिन शर्मा ने रिश्वत की मांग करते हुए जानलेवा हमले की धारा बढ़ाने की बात कही।
शिवानी के चचेरे भाई शालू तिवारी ने बताया कि कस्बे की चौकी में बैठकर दरोगा कपिल ने उसे लैपटॉप मुकदमे में बढ़ाई धारा भी दिखाई। इसकी एवज में सवा लाख रुपये मांगे गए, जो उसने तीन किस्तों में अदा किए। इसके बाद भी दरोगा ने आरोप पत्र दाखिल करते वक्त जानलेवा हमले की धारा हटा दी। जब शालू ने उससे अपने पैसे मांगे तो दोनों पुलिसकर्मी धमकाने लगे। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसएसपी से की। सीओ मांट की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने शनिवार को दोनों को निलंबित कर दिया।