मोहन मालवीय की जयंती मनाते संस्थान के सचिव कपिल शर्मा व सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी।
मथुरा। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की 163वीं जयंती श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर स्थित भागवत-भवन में श्रद्धा के साथ मनाई गई। जन्मस्थान में स्थापित महामना की प्रतिमा पर चंदन और उत्तरीय अर्पित कर उनका स्मरण किया गया। इस दौरान भक्तों ने महामना मालवीय के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जन्मभूमि के प्राचीन स्वरूप के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा तथा सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने महामना की प्रतिमा का विधिवत पूजन कर उन्हें नमन किया। सचिव ने बताया गया कि मालवीयजी ने अपना संपूर्ण जीवन सनातन धर्म, गाय के संवर्धन और भारतीय शिक्षा व्यवस्था की उन्नति को समर्पित कर दिया। इस मौके पर ठाकुरजी और गोमाता को भोग लगाया तथा भंडारे का आयोजन किया गया। गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने कहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना मालवीयजी की दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के वर्तमान स्वरूप की नींव भी महामना के संकल्प का ही परिणाम है।