मथुरा। कान्हा की नगरी अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए विश्व विख्यात है, अब सरकार की प्लेज योजना के माध्यम से एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में उभरने को तैयार है। इस योजना के तहत निजी निवेश को प्रोत्साहन देकर जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार की प्रमोटिंग लीन मेन्युफैक्चरिंग एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट (प्लेज) योजना के अंतर्गत जैंत क्षेत्र में वृंदावन इंडस्ट्रियल प्लेज पार्क का निर्माण तेजी से हो रहा है। वृंदावन डेवलपर एंड इंडस्ट्रियल प्रमोटर द्वारा 17.5 एकड़ निजी भूमि पर विकसित किए जा रहे पार्क की अनुमानित लागत 4.37 करोड़ रुपये है। पार्क में कुल 61 प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं, जहां मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को प्राथमिकता दी जाएगी।
योजना की विशेषता यह है कि पार्क विकसित करने वाले उद्यमियों को मात्र एक फीसदी की वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उपायुक्त उद्योग चंद्रभान सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा निजी भागीदारी के माध्यम से औद्योगिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना है। वृंदावन के जैंत क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति दिल्ली- आगरा हाईवे के निकट होने के कारण उद्योगों के लिए बेहद अनुकूल है। ब्याज पर ऋण की सुविधा से सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
रोजगार के अवसर और आर्थिक सुदृढ़ीकरण
औद्योगिक क्लस्टर मुख्य रूप से विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) पर केंद्रित होंगे। अब मथुरा धर्म और आध्यात्म के साथ- साथ इंडस्ट्रियल सिटी के रूप में भी अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। प्रदेश में ''प्लेज'' योजना के तहत निजी औद्योगिक पार्क झांसी, हापुड़, संभल, अलीगढ़, सहारनपुर, कानपुर देहात, बागपत, बरेली, गाजियाबाद, मेरठ, बाराबंकी, लखनऊ, वाराणसी, चंदौली, एटा आदि जनपद में विकसित किए जा रहे हैं। इसमें निवेशक 10 से 50 एकड़ तक की जमीन पर अपना औद्योगिक पार्क बना सकते हैं।