फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम से परखम के यक्ष प्रश्न

Sun, 24 May 2015 12:24 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
विज्ञापन
विज्ञापन
दीनदयालधाम में लक्जरी गाड़ियों की आवाजाही चमकती सड़कों पर है लेकिन यहीं से चार किलोमीटर दूर यक्ष का गांव है। यहां कभी पांडवों से यक्ष ने सवाल पूछे थे और जवाब सिर्फ युधिष्ठर दे सके थे।
विज्ञापन


अब बारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की है। उनकी अगवानी में सजे नगला चंद्रभान के नजदीक का गांव सीधे सवाल कर रहा है।

पीएम नरेंद्र मोदी 25 मई को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली नगला चंद्रभान आ रहे हैं।  यहां दीनदयालधाम बना है और हर तरफ बयार विकास की है।

सभास्थल से 50 मीटर तक परखम जाने वाले मार्ग को चमका दिया गया है। उसके बाद की सड़क बदहाल छोड़ दी गई है। दीनदयालधाम से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित परखम गांव यक्ष सरोवर के लिए जाना जाता है। यहां यक्ष ने वनवास के दौरान पांडवों से प्रश्न किए गए थे।

यहां यक्ष की प्रतिमा भी निकली थी जो वर्तमान में राजकीय संग्रहालय में स्थापित है। अब यक्ष के गांव के लोग मोदी से सवाल पूछ रहे हैं। बिजली, पानी, सड़क, हास्पिटल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं सवाल के रूप में गांववालों की जुबान पर हैं।
विज्ञापन



पानी कहां से लाकर पीयें?
गांव के लोगों का यक्ष प्रशभन है कि आखिर उनकी प्यास कैसे बुझे। यहां मीठे पानी के दो कुंए हैं, लेकिन कुएं जातियों में बंटे हैं। यह ठाकुरों का कुआं है और वह जाटवों का, हर ग्रामीण तुरंत बता देता है। इन दिनों जाटवों के कुंए में पानी सूख रहा है लेकिन वह दूसरे कुएं से पानी नहीं ला सकते। यहां यक्ष कुंड के निकट बनी पानी की टंकी खंडहर है। यह टंकी कभी दुर्घटना का कारण न बन जाए। गांव निवासी ऊधम सिंह बताते हैं कि दीनदयालधाम फरह की ओर जाने वाला रास्ता बदहाल है। दिगंबर सिंह बताते हैं कि पीने को पानी नहीं है। ऐतिहासिक कुंड का आकार अतिक्रमण के चलते सिमट कर छोटा सा रह गया है।


इलाज की व्यवस्था कौन करेगा?
गांव में इलाज की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। चंदन सिंह बताते हैं कि यहां एक ही डाक्टर सब तरह की दवाई दे देता है। यक्ष सरोवर के निकट बने मातृ शिशु परिवार कल्याण उपकेंद्र के एक कक्ष में भूसा भरा है तो दूसरा बंद नजर आया। इसके अलावा अस्पताल भी है लेकिन तबीयत जरा सा भी बिगड़ी तो यहां के लोग आगरा जाने को मजबूर हैं।


पुरातत्व विभाग करे सरोवर का संरक्षण?
यक्ष सरोवर के पास खड़े गोविंद बताते हैं कुंड में कभी मूर्ति निकली थी। मूर्ति राजकीय संग्रहालय में है। छोटी मूर्तियां यहां मंदिर में मौजूद हैं। हमारे गांव की इस सरोवर से बड़ी पहचान है। अब पीएम मोदी यहां आ रहे हैं तो उन्हें सुनने तो अवश्य जाएंगे। उम्मीद भी है कि हो सकता है कुछ बड़ी घोषण कर दें। पास के मंदिर में मौजूद परमहंस महाराज कहते हैं कि बस इस सरोवर को पुरातत्व विभाग संरक्षित कर दे तो बात बन जाए।



हमारी सड़क अधूरी क्यों छोड़ी?
गांव का हर व्यक्ति इस बात से आहत है कि दीनदयालधाम से गांव में आने वाली सड़क पचास मीटर बनाकर क्यों छोड़ दी गई। पीएम तो हम सबके हैं और विकास में यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है। यहां के लोगों को एतराज नहीं बस इतना चाहते हैं कि इनके गांव तक आने वाली सड़क भी बना दी जाए। परखम स्टेशन जाने वाला मार्ग भी जगह जगह टूटा हुआ है।



बिजली आपूर्ति कब सुधरेगी?
बिजली यहां का यक्ष प्रश्न है। गांव के लोग कहते हैं कि उनके यहां बमुश्किल आठ से दस घंटे बिजली आ पाती है। वोल्टेज इतना कम रहता है कि भीषण गर्मी में पंखा भी हवा नहीं दे पाता। बिजली न रहने से गांव के लोगाें की दिनचर्या प्रभावित रहती है। पास में रोशन दीनदयालजी का गांव और परखम स्टेशन पर अंग्रेजी हुकूमत में मालगाड़ी पलट कर क्रांति फैलाने वाले इस गांव में अंधेरा क्यों, यही गांव का यक्ष प्रश्न है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें