मथुरा। हाईवे पुलिस ने चेन सिस्टम में काम करके साइबर ठगी की रकम का बंदरबांट करने वाले गिरोह के पांच गुर्गों को गिरफ्तार किया है। वह कमीशन पर बैंकों में खाते खुलवाते थे और हरेक खाताधारक को तीन लोगों की चेन बनानी होती थी। पुलिस ने चेन सिस्टम में काम करने वाले पांच साइबर ठगों को गिरफ्तार करके 4,6220 रुपये, डेबिट कार्ड, सात मोबाइल बरामद किए हैं।
सीओ रिफाइनरी अनिल कपरवान ने बताया कि शिवपुरी कॉलोनी, राया, मथुरा का रहने वाले सचिन गटुआ साइबर ठगी के लिए जॉब और ऑनलाइन गेम्स के नाम पर ठगी करता था। इसके जरिए आने वाली रकम को वह किराये पर खुलवाए खातों में ट्रांसफर करता था। खातों के ब्लॉक होने से पहले वह सचिन द्वितीय, जोकि ठगों की इस ब्रांच का सरगना है, उससे एटीएम से नकदी निकलवाता था। सचिन अलग-अलग एटीएम कार्ड्स से रकम निकाल लेता था। ऐसे में खाते ब्लॉक होने से पहले रकम को ठिकाने लगाया जाता था। एसएचओ शैलेंद्र सिंह ने बताया कि एनसीआरबी पोर्टल पर इस गैंग की विभिन्न राज्यों से 16 साइबर ठगी की शिकायतें थीं। इनमें तेलंगाना से 15 लाख रुपये, कर्नाटक से 22 लाख रुपये की ठगी की गई। उन्होंने बताया कि यह गैंग चेन सिस्टम में काम करता है। साइबर ठगी की रकम भेजने के लिए पहले खाता खुलवाने वालों को तैयार किया जाता है, उन्हें हर निकासी पर तीन फीसदी कमीशन दिया जाता है। सचिन गटुओ को पांच फीसदी और सरगना को दस फीसदी कमीशन दिया जाता था। इसी तरह हरेक खाताधारक को तीन खाते खुलवाने पर अतिरिक्त कमीशन दिया जाता था। इस तरह ठगों का सिस्टम कई ब्रांच में बंटा हुआ था।
पुलिस ने सचिन कुमार गटुआ, राया के ही सतेंद्र और खाताधारक अलीगढ़ के इगलास निवासी संजय, हसीब खान और सुखवीर सिंह को गिरफ्तार किया है। इनमें सचिन और सतेंद्र साइबर ठगी करते हैं। वहीं सरगना राया के तिरवाया निवासी सचिन कुमार की पुलिस तलाश कर रही है। सीओ ने बताया कि चेन सिस्टम में काम करने वाले साइबर ठगों का जाल काफी फैला हुआ है। यह केवल एक ब्रांच के लोग हैं। अन्य लोगों की तलाश की जाएगी।
साइबर ठगों का सरगना बना है प्रापर्टी डीलर
पुलिस ने बताया कि साइबर गिरोह का सरगना सचिन कुमार (तिरवाया) वृंदावन में बेशकीमती जमीनों के सौदे करता है। वह प्रापर्टी डीलिंग में साइबर ठगी की रकम का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए पांचों गुर्गे उच्च शिक्षित भी नहीं हैं। इस नेटवर्क को पकड़ने के लिए साइबर ठगों के बैंक एकाउंट की डिटेल्स खंगाली जाएगी। इसके साथ ही एटीएम कार्ड से होने वाले लेनदेन को भी देखा जाएगा।