मथुरा। बलदेव के यमुना एक्सप्रेस-वे माइलस्टोन 127 पर हुए हादसे की जांच पूरी हो गई है। जांच टीम ने सोमवार को करीब 81 पेज की 50 से ज्यादा बिंदुओं की फाइनल रिपोर्ट डीएम चंद्रप्रकाश सिंह को सौंप दी है। इसमें रोड सेफ्टी इंस्टीट्यूट, सेव लाइफ फाउंडेशन की कई पन्नों की तकनीकी रिपोर्ट भी शामिल है। मंगलवार के बाद यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इससे पहले प्रशासनिक जांच टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
बीते मंगलवार को हुए हादसे के बाद डीएम ने एडीएम अमरेश कुमार की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टीम गठित की। इस टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पहले ही तैयार कर ली थी लेकिन जांच का दायरा बढ़ाते हुए रोड सेफ्टी इंस्टीट्यूट, सेव लाइफ फाउंडेशन की टीम के जांच बिंदुओं को भी रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा था। करीब दर्जनभर बस स्वामी, चालक-परिचालक और घायलों के बयान दर्ज किए हैं। घटना का मुख्य कारण क्या रहा, चंद मिनटों में आग इतनी विकराल कैसे हुई, ऐसे तमाम बिंदुओं पर टीम ने गहनता से परीक्षण करने के बाद फाइनल तैयार की है। साथ ही भविष्य में ऐसी दुर्घटना न हो, ऐसे बिंदुओं को भी रिपोर्ट में शामिल किया गया है। डीएम ने बताया कि जांच टीम ने रिपोर्ट सौंप दी है। हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा के उपायों पर विस्तृत सुझाव दिए हैं। सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने, सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता में सुधार करने सहित 50 से ज्यादा बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार की गई है। मंगलवार को रिपोर्ट देखने के बाद शासन को भेजी जाएगी।
31 दिसंबर तक वाहनों की फिटनेस कराएं
डीएम ने घने कोहरे के कारण हो रहे हादसों पर लगाम कसने के लिए परिवहन, पुलिस और लोक निमार्ण विभाग को बेहतर व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 31 दिसंबर तक व्यवसायिक व स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच, टैक्टर-ट्रॉली पर रेडियम पट्टी लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों को धीमी गति से वाहन चलाने के लिए भी जागरूक करने के लिए कहा है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजेश राजपूत ने बताया कि सभी विद्यालयों के प्रबंधकों, व्यवसायिक वाहन स्वामियों को फिटनेस कराने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। साथ ही एक्सप्रेस-वे पर कार की स्पीड लिमिट 70 और भारी वाहनों की 50 किमी प्रति घंटा की स्पीड लिमिट तय की गई है। चेतावनी के बाद भी अगर कोई ओवर स्पीड से वाहन चलाएगा तो चालान की कार्रवाई होगी।