पंकज सिंह ने बताया कि दो दिन पूर्व हाईवे के सर्विस रोड के निर्माण कार्य के कारण उनके खेत की सिंचाई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसकी शिकायत जब कंपनी के अधिकारियों से की तो अधिकारियों ने जेसीबी से 5 बाई 10 फुट गहरा गड्ढा खोद दिया और क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को स्वयं ठीक करने की कहकर चले गए। मंगलवार की दोपहर उनके पिता गड्ढे में सीढ़ी लगाकर नीचे उतरे और क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को ठीक कर रहे थे, तभी ढाय गिरी और उनके पिता की मिट्टी में दबने से मौत हो गई।
ग्राम प्रधान वीरपाल ने बताया कि उत्तरी बाईपास के निर्माण कार्य के चलते उसके समीप के खेतों में किसानों की पाइप लाइन रोज क्षतिग्रस्त होती हैं। उत्तरी बाईपास का निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों को कई बार बताया गया है कि निर्माण कार्य ठीक तरह से करें। लेकिन अधिकारी मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं। इसके कारण किसानों का आये दिन नुकसान हो रहा है। सीओ रिफाइनरी श्वेता वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही थाना की फोर्स मौके पर पहुंच गई थी। परिजन कंपनी के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है, लेकिन तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेटी को डोली में बिठाने से पहले ही उठ गई पिता की अर्थी
ग्राम प्रधान वीरपाल ने बताया कि मिट्टी की ढाय गिरने से मृत किसान बाबूलाल के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी ललिता (18) शादी योग्य है। पिता उसकी शादी के लिए लड़का भी खोज रहे थे। बताया जाता कि एक स्थान से बात पक्की भी हो गई थी, लेकिन बेटी की डोली उठाने से पहले ही पिता की अर्थी उठ गई। बेटा योगेश (20) दिव्यांग है। वह प्रत्येक कार्य के लिए परिजन पर निर्भर है। पंकज और बाबूलाल ही पूरे परिवार का ध्यान रखते थे। बताया कि किसान बाबूलाल अपने दिव्यांग बेटे का स्वयं ध्यान रखता था। किसान की मौत से परिजन में तो कोहराम मचा है, साथ ही बेटी की शादी और दिव्यांग बेटे की चिंता सता रही है।
मृतक के परिजन के साथ भाकियू कंपनी गेट पर देगा धरना
किसान की मौत की सूचना पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई और मृतक के परिजन को मुआवजे की मांग की। भाकियू के प्रवक्ता डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर बने कंपनी के मुख्य द्वार पर भाकियू पदाधिकारी पीड़ित परिवार के साथ धरना देंगे। इसके बाद भी यदि प्रशासन और जिम्मेदार कंपनी के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन किया जाएगा।
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