मथुरा। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में बृहस्पतिवार को जिले के सैकड़ों शिक्षक टैंक चौराहे पर एकत्रित हुए। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में धरना-प्रदर्शन किया गया।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र सारस्वत ने कहा कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए एनसीटीई द्वारा वर्ष 2017 में अधिनियम पारित कर टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया था। 1 सितंबर 2025 को उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया गया। जिला अध्यक्ष अतुल सारस्वत ने बताया कि शिक्षकों ने बोर्ड परीक्षा ड्यूटी एवं विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया।
बृहस्पतिवार को शिक्षकों ने टैंक चौराहे से पैदल मार्च निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र को सौंपा। प्रदर्शन में जिला महामंत्री लक्ष्मी नारायण, जिला कोषाध्यक्ष मनोज शर्मा, राजीव पचौरी, सूर्यवीर सिंह, हरीश चौधरी, बदन सिंह यादव, कृष्ण कुमार, अरविंद शर्मा, शिव कुमार पचौरी, सुजीत वर्मा आदि मौजूद रहे।