मथुरा। बंगलूरू के एटीएम में महिला बैंक प्रबंधक के साथ हुई वारदात के बाद देशभर में एटीएम पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर बहस छिड़ गई है। इस बहाने जिले के एटीएमों का हाल देखने पर चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। जिले क े 32 एटीएमों में सुरक्षा गार्ड नहीं हैं तो अन्य में भी सुरक्षा को लेकर कोई खास इंतजाम नजर नहीं आए।
जिल में विभिन्न बैंकों के मिलाकर 158 एटीएम है जिनमें 154 में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें से 126 एटीएम पर तो सुरक्षा गार्ड की तैनाती है लेेकिन अन्य भगवान भरोसे चल रहे हैं। इनमें न तो सुरक्षा गार्ड हैं और न ही कोई अन्य सुरक्षा इंतजाम। इसके चलते एटीएम से पैसा निकालना खतरे से खाली नहीं है।
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नियमों का उड़ाया जा माखौल
बैंक प्रबंधन की लापरवाही के चलते ग्राहक एटीएम के नियमों का जमकर माखौल उड़ा रहे हैं। नियमानुसार बैंक व एटीएम में चश्मा, हेलमेट व मुंह ढंककर जाना वर्जित है, इसके बाद भी लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर बैंक व एटीएम में चले जाते हैं। इससे सीसीटीवी कैमराें में अपराधी के फुटेज नहीं आ पाते और वह पुलिस की पकड़ से बचकर निकल जाते हैं।
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एटीएम व बैंको में सीसीटीवी कैमराें व गार्ड की व्यवस्था होने के बाद भी अपराधिक प्रवृति के लोग घटना को अंजाम दे ही देते हैं। कानून व्यवस्था के नजरिए से पुलिस अधिकारियों को इस पर विचार करना चाहिए।
केआर गणेशन, अग्रणी बैंक जिला मुख्य प्रबंधक