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आंसुओं में लिपटी श्यामा श्याम धाम की शाम

Sat, 16 Nov 2013 05:39 AM IST
Mathura
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मथुरा। वृंदावन के प्रेम मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन के लिए कतार लंबी है, लेकिन इसी से सटे श्यामा श्याम धाम की सांझ आंसुओं में लिपटी है। हर चेहरा मायूस है, पेड़ की छांव में खड़े लोगों की चर्चा सिर्फ इसी पर केंद्रित है कि कब मनगढ़ पहुंचेंगे। बस आने को है और बार-बार लोग उसकी राह निहार रहे हैं।
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शाम 4:30 बजे प्रेम मंदिर में प्रवेश करती भक्तों की भीड़ दर्शन की ललक में सतत आगे बढ़ती रही है। कृपालु जी महाराज नहीं रहे, लेकिन ठाकुरजी के भक्तों को प्रभु के दर्शन हो रहे हैं। मंदिर से सटे श्यामा श्याम धाम में 100 से ज्यादा लोगों की खामोशी ऐसा आभास कराती है मानों यहां कोई है ही नहीं। इसी बीच महाराज जी के अनुयायी अनिल मेहरोत्रा एक साथी को बता रहे हैं कि इतने लोग जा रहे हैं, इसलिए फर्स्ट एड बाक्स लेते जाइए। सूचना केंद्र के प्रभारी दयाशंकर पांडेय की आंखें नम हैं। वह कहते हैं कि अब तक सब चले गए होते, लेकिन बस लेट हो गई है।
शाम 5:00 बजे बस आकर श्यामा श्याम धाम में खड़ी हो गई। अनुयायी बसों में बैठने लगे, इसी बीच मनगढ़ ले जाने के लिए पुष्प भी आ गया। अनुयायी दौड़ पड़ते हैं, जल्दी से इसे रखने के लिए...। इसी बीच अनुयायी प्रकाश सभी से बस में बैठने को कहते हैं। बमुश्किल पांच मिनट के भीतर सभी अनुयायी बस में बैठे और बस मनगढ़ को रवाना हो गई।
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अब श्यामा श्याम धाम में एकदम वीरानगी है। सिर्फ अनिल मेहरोत्रा चंद अनुयायियों के साथ देखरेख को यहां रुके हैं। कुछ भी बोल नहीं पा रहे हैं, सिर्फ उनकी भीगीं आंखें ही सबकुछ कह जाती हैं। एक संत के जाने का दुख पूरे धाम को है, यहां की खामोशी यही कहती है।
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