मथुरा। छाता शुगर मिल को खुलवाने के लिए उत्तर प्रदेश किसान सभा के नेतृत्व में किसानों और मजदूरों ने कलक्ट्रेट पर हुंकार भरी। जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उनकी पुलिस से तड़का-भड़की भी हुई। प्रदर्शनकारी डीएम कार्यालय में घुसने पर आमादा थे। पुलिस ने मुश्किल से उनको रोका।
किसान सभा के नेतृत्व में दर्जनों महिला पुरुष छाता शुगर मिल सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को टैंक चौराहे पर एकत्रित हुए। यहां से जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे। पहले तो उन्होंने कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर डेरा डाल दिया। यहां प्रदर्शन के बाद भी जब कोई अधिकारी उनकी सुनने के लिए नहीं पहुंचा तो सभी डीएम कार्यालय पहुंच गए। पहले कार्यालय के समक्ष खड़ी डीएम की कार को घेर कर धरना पर बैठ गए। कुछ देर बाद डीएम कार्यालय में जाने लगे। इस बीच एसडीएम सदर की सूचना पर सदर पुलिस पहुंच चुकी थी।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका तो तड़का-भड़की होने लगी। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में शामिल महिलाएं आगे बढ़कर नारेबाजी कर रही थीं। उनको रोकने के लिए महिला पुलिस बल की भी सहायता लेनी पड़ी। जब कोई नहीं रुका तो पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। हालांकि कुछ देर बाद ही छोड़ दिया।
पुलिस के ज्ञापन शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिया। ज्ञापन में छाता शुगर मिल को फिर शुरू करने, किसानों के बकाए माफ करने, किसान हितैषी नीति बनाने, टैक्स रहित डीजल सहित अनेक मांगों का उल्लेख किया गया है।
प्रदर्शन में किसान नेता छीतर सिंह, बच्चू सिंह, कल्ली पहलवान, राधा चौधरी, रामवीर सिंह, जगदीश शर्मा, जगदीश शर्मा, शशिवाला, मुद्दन पहलवान, लियाकत अली, द्वारिका यादव आदि शामिल थे।