मथुरा। सेना में भर्ती कराने के नाम पर तीन लाख रुपये ठगने के मामले में कोर्ट ने दो लोगों को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर डेढ़ लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामला 11 नवंबर, 2011 का थाना हाईवे क्षेत्र का है। ठगी अनंतनाग जिले (जम्मू) के गांव डुरू निवासी मुदासीर अब्बास मीर से की गई। अब्बास मीर बेटे को सेना में भर्ती कराना चाहते थे। राधेश्याम निवासी गांव अजान, भरतपुर और विक्की निवासी कुम्हेर गेट, भरतपुर ने उनसे सेना में सीधी भर्ती कराने की बात कहते हुए तीन लाख रुपये मांगे।
मीर ने शक होने पर इसकी सूचना सेना को दी थी। सेना की ओर से थाना हाईवे में रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने बाबा जयगुरुदेव मंदिर के निकट दोनों लोगों को तीन लाख रुपये लेते दबोच लिया। आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी संख्या में सेना में ज्वाइनिंग के लिए फर्जी लेटर, मुहर व अन्य कागजात मिले।
मामले में एसीजेएम चतुर्थ पवन कुमार श्रीवास्तव के यहां अभियोग परीक्षण हुआ। रिपोर्टकर्ता मुदासिर अब्बास मीर और पुलिस की ओर से एसआई हरिशंकर वर्मा, एसआई संतोष कुमार आदि ने गवाही दी। अभियोजन अधिकारी छवि रंजन द्विवेदी ने राज्य की ओर से बहस की। मामले में एसीजेएम चतुर्थ ने दोनों अभियुक्त राधेश्याम और विक्की को सात-सात साल की सजा सुनाई और डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना किया है।
खुद को बताता था ब्रिगेडियर
मथुरा। सेना भर्ती के नाम पर धोखाधड़ी करने के लिए राधेश्याम खुद को सेना का ब्रिगेडियर बताता था। अपना नाम भी बदलकर एसके शर्मा बताता। दबिश में पुलिस को दो दर्जन से अधिक लोगों को दिए जाने वाले फर्जी ज्वाइनिंग लेटर मिले थे। इनको भी कोर्ट में पेश किया गया।