वृंदावन। आराध्य के दर्शन करने में अब रेलिंग अड़ंगा नहीं बनेगी। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के तत्कालीन प्रबंधन के फैसले को वर्तमान प्रबंधन ने बदलते हुए मंदिर परिसर से स्टील की रेलिंग को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। लगभग एक वर्ष पूर्व लगाई गई रेलिंग में फंसकर कई श्रद्धालु घायल हो चुके हैं। वहीं सेवायतों में भी रेलिंग लगाने को लेकर भारी रोष था।
बांके बिहारी मंदिर कमेटी के चुनाव के समय रेलिंग मुद्दा छाया रहा था। कमेटी के अस्तित्व में आने के बाद रविवार की देर रात से रेलिंग हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। पहले मंदिर के मुख्य द्वार गेट नंबर एक और चार के साथ ही चौक की रेलिंग हटाई गई। सोमवार प्रात: जब श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में पहुंचे तो रेलिंग न देखकर उनके चेहरे खिल उठे।
बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गौरव गोस्वामी ने बताया कि मंदिर प्रबंधन ने एक अक्तूबर 2012 के उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में रेलिंग को हटवाने का कार्य शुरू कराया है।