मथुरा। शिक्षकों की पदोन्नति और विद्यालय आवंटित करने के लिए बुधवार को शुरू की गई काउंसिलिंग शिक्षक संघ के विरोध और हंगामे के बाद रद कर दी गई। शिक्षक नेताओं ने काउंसिलिंग को शासनादेश के विरुद्ध बताया। डीएम ने गुरुवार को पुन: काउंसिलिंग कराने के निर्देश बीएसए को दिए हैं।
शासनादेश के अनुसार पांच वर्ष पिछड़े ब्लाक में कार्र्य करने वाले महिला और विकलांग शिक्षकों की पदोन्नति काउंसलिंग के माध्यम से की जाती थी। इसके लिए पहले दिन 156 अभ्यर्थियों की सूची चस्पा की गई थी।
बुधवार की सुबह से ही पदोन्नति का इंतजार करने वाले शिक्षक काउंसिलिंग के लिए डायट पहुंच गए। शिक्षक नेताओं के अनुसार बीएसए काउंसिलिंग की जगह तीन-तीन विद्यालय विकल्प के तौर पर भरवा रहे थे। इसका शिक्षकों ने विरोध किया। जब उनकी बात नहीं मानी गई तो अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रामकृष्ण रावत के नेतृत्व में डीएम से मामले की शिकायत करने पहुंच गए। डीएम ने बीएसए को कैंप कार्यालय पर तलब कर लिया। यहां उन्होंने काउंसिलिंग रद कर गुरुवार को 12 बजे से पुन: कराने के आदेश बीएसए को दिए।
इस अवसर पर मंत्री लायक सिंह, महेश अग्रवाल, जितेंद्र वर्मा, देवेंद्र सारस्वत, अवदेश सारस्वत, अशोक लवानियां, गौरव यादव, विजय शर्मा, कुलदीप सारस्वत आदि उपस्थित थे।