कोसीकलां। हाइवे पर बंचारी के समीप कार में लगी आग से जिंदा जले पांच लोग दिल्ली के प्रतापपुरा शहादरा के निकले। वे बिहारी जी के दर्शन कर दिल्ली लौट रहे थे। इस हादसे की एक बड़ी वजह गाड़ी का सेंट्रल लाकिंग सिस्टम भी रहा। जिस वक्त गाड़ी में आग लगी उस दौरान सेंट्रल लॉक से गाड़ी के दरवाजे बंद थे। माना जा रहा है कि टक्कर की वजह से सेंट्रल लॉक सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया, जिस वजह से गाड़ी के दरवाजे नहीं खुल सके और उक्त गाड़ी में सवार पांचों लोग जिंदा जलकर मर गए।
मंगलवार को वृंदावन से बिहारीजी के दर्शन कर दिल्ली लौट रहे दिल्ली के प्रतापपुरा शहादरा गली न. छह निवासी अशोक अग्रवाल (57), उनकी पत्नी मंजू (53), बेटा अमित उर्फ बॉबी (33), बहू सीमा (32) और पोता शोभित (12) की बंचारी के समीप सेंट्रो कार के ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा जाने के बाद कार में लगी आग में जिंदा जल जाने से मौत हो गई थी। बताया गया है कि मृतक अशोक अग्रवाल शाहदरा के विश्वास नगर इलाके में केबल वायर बनाने की फैक्ट्री है। अमित का बेटा शोभित आनंद बिहार इलाके में विवेकानंद पब्लिक स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। मंगलवार को गांधी जयंती का अवकाश होने के कारण अशोक ने परिजनों के साथ वृंदावन मंदिरों के दर्शन करने की योजना बनाई थी। वहीं घटना के बाद देर रात्रि में अशोक के परिजन पलवल पहुंच गए और शवों की पहचान कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। जानकारों का मनना है कि सेंट्रल लॉक खराब होने की वजह से अक्सर ऐसे हादसे हो जाते हैं।
खून से लाल रहता है हाइवे
कोसीकलां। आगरा-दिल्ली हाइवे पर पूरे वर्ष हादसे होते रहते हैं। वाहनों की टक्कर एवं उनकी चपेट में आने से लगातार होने वाली मौतों को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कोई कारगर कदम नहीं उठाए जाते। जनपद के 90 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में फैले हाइवे पर बेलगाम वाहन रफ्तार के जोश में होश खोकर वाहन चलाने की प्रवृति लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। हाइवे प्राधिकरण लाखों रुपये टोल के रूप में वसूलनेे के बाद भी सिग्नल व्यवस्था तो दूर सड़क की मरम्मत कराने में भी नाकाम साबित हो रहा है।