छाता। राधारानी मंदिर बरसाना में भगदड़ से हुई मौतों से प्रशासन की आंखें खुल गई हैं। छाता क्षेत्र के कोकिलावन स्थित शनिदेव मंदिर में प्रत्येक शनिवार को अब अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। इस मामले में प्रशासन कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। शनिदेव मंदिर में होने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
एसडीएम छाता अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि कोकिलावन स्थित शनिदेव मंदिर पर प्रत्येक शनिवार को जनपद मथुरा एवं आसपास के प्रांतों से बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों का आगमन होता है। रात्रि प्रवास भी किया जाता है। परिक्रमा के लिए श्रद्धालु शुक्रवार रात से एकत्रित होने लगते हैं। शनिवार की सायं से गंतव्य स्थान के लिए प्रस्थान करते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने तय किया है कि मंदिर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो पालियों में अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है।
29 सितंबर शनिवार को प्रथम पाली में प्रात: चार बजे से 12 बजे तक मंदिर शनिदेव के अंदर क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी नंदगांव गोविंद सिंह चाहर व खाद्य निरीक्षक छाता दर्पण कुमार ड्यूटी करेंगे। द्वितीय पाली में अपराह्न 12 बजे से सांय चार बजे तक शनिदेव मंदिर के बाहर के क्षेत्र में पशुधन अधिकारी कोसीकलां डा. आशीष शर्मा व अवर अभियंता नगर पालिका कोसीकलां सोमेश कुमार की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। एसडीएम ने बताया कि दुर्घटना के लिए सभी की जिम्मेदारी तय की गई है।