वृंदावन। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पहली बार वृंदावन आगमन पर यमुना प्रदूषण के प्रति काफी चिंतित दिखे। उनकी यह पीड़ा मंच से भी उजागर हुई। वृंदावन के फोगला आश्रम में स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव का उद्घाटन करने आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यमुना के शुद्धीकरण का मामला हमारी आस्था के साथ राष्ट्रीय और ऐतिहासिक मुद्दा भी है। यमुना और गंगा नदी नहीं, वरन् भारतीय आस्था का केंद्र है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना के शुद्धिकरण को अब तक कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई, इसी कारण वह अस्तित्व के लिए लड़ रही है। यमुना बचाने के लिए बड़े जनांदोलन की आवश्यकता है। इसमें संगठनों, संस्थाओं, आम लोगों के साथ राजनैतिक दलों को भी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। यमुना प्रदूषित कैसे हुई, यह विषय नहीं है, बल्कि यमुना को आगे प्रदूषण से कैसे बचाया जाए इस ओर प्रयास करने की जरूरत है। यमुना में प्रदूषण के लिए उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि दिल्ली व हरियाणा सरकार दोषी है। वहां के कारखानों का प्रदूषित पानी यमुना में डाला जा रहा है। प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर दिल्ली और हरियाणा की सरकारों से वार्ता करेगी।
मुख्यमंत्री अखलेश यादव ने संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास को भावांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी संगीत साधना से भगवान भी दर्शन देने को विवश हो जाते थे। स्वामी हरिदास महाराज की ध्रुपद गायन की शैली हर किसी को वश में कर लेती थी। सुरों की डोरी में बंधकर स्वयं बांके बिहारी प्रकट होेने को विवश हो गए। मुख्यमंत्री ने वृंदावन में संगीत की विधा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आडिटोरियम का निर्माण कराने की घोषणा की। क्षेत्रीय विधायक और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने वृंदावन के प्राचीन घाटाें के सौंदर्यीकरण के साथ वृंदावन-मथुरा के संपूर्ण विकास की मांग मुख्यमंत्री से की। इस अवसर पर इंडियन आइडल फेम हेमंत ब्रजवासी की प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आयोजक आचार्य गोपी गोस्वामी, जीएलए के सचिव नीरज अग्रवाल आदि ने मुख्यमंत्री को बांके बिहारी का चित्रपट भेंट किया।