आखिरकार गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों का 17 साल लंबा संघर्ष सफल होता दिख रहा है। मुआवजे को लेकर गांव दामोदरपुरा में पिछले तीन माह से आंदोलनरत किसानोें और जिला प्रशासन के बीच सहमति बन गई है। पहली किस्त के रूप में किसानों को 92 करोड़ का रुपये वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही पुलिस विवेचना में निर्दोष लोगों पर लगे मुकदमे भी हटा लिए जाएंगे। हालांकि अभी भी किसानों न धरना समाप्त नहीं किया है।
रविवार को एसडीएम सदर राजेश कुमार डीएम के संदेश वाहक बनकर 98 दिन से धरनारत किसानों के पास गांव दामोदरपुरा पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों से धरना खत्म करने की अपील की। इस दौरान दोनों पक्षों की बीच हुई वार्ता में तय हुआ कि जिला प्रशासन किसानों को मुआवजा की प्रथम किस्त के रूप में 92 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा। यह राशि दो माह में किसानों को दे दी जाएगी। इसके अलावा आंदोलन के दौरान हुई आगजनी में नामजद लोगों को निर्दोष होने पर विवेचना के दौरान मुक्ति किया जाएगा।
एसडीएम सदर राजेश कुमार से चर्चा के बाद किसानों का प्रतिनिधि मंडल डीएम कैंप कार्यालय पहुंचा। यहां प्रतिनिधि मंडल ने मुआवजा देने और मुकदमा वापस करने मांग रखी, जिसे डीएम राजेश कुमार ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद शाम को एसडीएम सदर राजेश कुमार, सीओ आईपीएस अजय पाल शर्मा ने गांव दामोदरपुरा में एक बार फिर पहुंचकर किसानों से धरना खत्म कराने की अपील की। लिखित आश्वासन के अभाव किसान देर रात तक धरने पर जमे रहे। सोमवार को किसानों ने सभी 11 गांवों की पंचायत बुलाई है। इसके बाद ही धरना समाप्त करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।