छाता कोतवाली क्षेत्र के गांव तरौली जनूबी में सात दिन पहले अपनी ननिहाल से लापता 9 वर्षीय बालक दुष्यंत का शव मंगलवार को गांव के ही तालाब में मिलने से सनसनी फैल गई। बालक के परिजन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की एसआईटी जांच कराने की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। उधर, बालक के मामा ने तंत्र मंत्र के चलते हत्या का आरोप लगाया है।
आगरा के थाना जगनेर क्षेत्र के गांव चौरे का बरगंवा निवासी हरिओम का बेटा दुष्यंत (9) अपनी मां संजू के साथ 10 फरवरी को तरौली में अपनी ननिहाल में आया था। परिवार को 21 फरवरी को वृंदावन में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होना था, जिसके चलते दुष्यंत यहीं रुका हुआ था। इसी बीच 18 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे वह अपनी नानी सावित्री से बाहर खेलने की कहकर निकला था, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा।
काफी तलाश के बाद भी बालक का कहीं कोई सुराग नहीं लगा। इस पर परिजन ने थाना पुलिस को सूचना दी और गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच के दौरान गांव में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में दुष्यंत गांव से बाहर की ओर जाने वाले रास्ते पर पैदल जाता हुआ दिखाई दिया था। इसके बाद उसकी कोई जानकारी नहीं हो पाई। मंगलवार सुबह गांव के तालाब में शव उतराता देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। पता चला कि शव लापता दुष्यंत का ही है। चौथी कक्षा में पढ़ने वाला दुष्यंत अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से मां संजू और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
मामा नंद किशोर आरोप है कि तंत्र-मंत्र के चलते उनके भांजे की हत्या की गई है। मामा ने दावा किया है कि चेहरा, हाथ और पैरों को जलाया गया है। इसके बाद हत्या कर शव को तालाब में फेंका गया है। उन्होंने बताया कि दो साल पूर्व गांव के ही एक किशोर का शव तालाब में मिला था। उस समय भी ग्रामीणों ने तंत्र विद्या में हत्या की आशंका जताई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि मामला संदिग्ध है, इसलिए इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।