मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली मथुरा-वृंदावन से जुड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर कृष्णकालीन स्वरूप में 7 प्रवेश द्वार विकसित किए जाएंगे। मुरली बजाते कान्हा की मूर्ति धार्मिक नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं को धर्म और आध्यात्मिकता का अहसास कराएगी। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने इन प्रवेश द्वारों का प्रारूप तैयार कर लिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, चयनित स्थल पर सड़क के दोनों ओर भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियां लगाई जाएंगी। इसमें पुरातत्व डिजाइन का चार मीटर का मूर्ति स्तंभ और उसके ऊपर आठ मीटर की मुरली बजाते हुए श्रीकृष्ण की मूर्ति लगेगी। प्रवेश द्वारा के आसपास के स्थान को भी विकसित किया जाएगा।
इसमें सोलर लाइट, फुलवारी और विभिन्न प्रजातियों के पौधे भी लगाए जाएंगे। परियोजना में करीब 2.25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र की अध्यक्षता में प्रवेश द्वारों के प्रारूप को स्वीकृति दे दी गई है।
सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि ब्रज के तीर्थ स्थलों से जुड़े मार्गों पर प्रवेश द्वार तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए सात स्थल चयनित किए हैं। जल्दी ही परियोजना को धरातल पर उतारा जाएगा। इसके अलावा प्रवेश द्वार पर पुलिस पिकेट भी बनाए जाएंगे। 24 घंटे पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे।
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यहां बनेंगे प्रवेश द्वार
-रेपुरा जाट (दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्वालियर रोड से पहले)
- कोटवन ( दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित हरियाणा बॉर्डर )
- साथनी (मथुरा-अलीगढ़ मार्ग)
- सोनई (मथुरा-बरेली मार्ग)
- राधाकुंड ( केनाल के निकट)
- वृंदावन कट (यमुना एक्सप्रेस-वे से वृंदावन रोड)
- लक्ष्मी नगर ( मथुरा-राया मार्ग)
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दो हाईवे और यमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़ी है कान्हा की नगरी
मथुरा नगरी दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग 530बी और यमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़ी है। इनके अलावा मथुरा सहित ब्रज के अन्य धार्मिक स्थल गोकुल, गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव, वृंदावन, बलदेव भी विभिन्न प्रमुख मार्गों पर स्थित हैं, जो राजस्थान और हरियाणा सीमा से जोड़ते हैं।