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कान्हा के आंगन में उड़ेगा 500 टन गुलाल

Mon, 27 Feb 2017 11:55 PM IST
अजय खंडेलवाल
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holi
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समूचा ब्रज होली के रंग में सराबोर है। प्रमुख मंदिरों में होली गायन व समाज गायन के दौरान गुलाल और रंगों की मार श्रद्धालुओं को निहाल कर रही है। इस बार होली पर मथुरा में 500 टन से अधिक अबीर व गुलाल के गुबार दिखाई देंगे। कई मंदिरों में टेसू के फूलाें का रंग बरसेगा। 
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कान्हा की नगरी में मनाई जाने वाली होली विश्वविख्यात है। यहां वसंत पंचमी से 40 दिन का होली महोत्सव मनाया जाता है। मंदिरों में होली गायन, समाज गायन, रंग, गुलाल, अबीर उड़ाया जा रहा है। ब्रज के करीब 500 मंदिरों में होली उत्सव धूमधाम के साथ मनाया जाता है। 

बरसाना, नंदगांव और आसपास के मंदिरों की होली में 100 टन अबीर-गुलाल उड़ेगा। ब्रज के प्रमुख श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारिकाधीश मंदिर, ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर, बलदेव के दाऊजी मंदिर, रमणरेती आश्रम, इस्कॉन, राधारमण मंदिर, ठाकुर राधावल्लभ, गोकुल, राधासनेह बिहारी, पागलबाबा मंदिर, महावन के मंदिरों में सैकड़ों टन गुलाल उड़ेगा। गांव-गांव आयोजित होने वाले हुरंगे, कजरा सहित कुल 500 टन गुलाल की खपत का अनुमान है। 
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इन मंदिरों में इतना उड़ेगा गुलाल
- बरसाना- 50 हजार किलो गुलाल, अबीर
- नंदगांव- 30 हजार किलो गुलाल, अबीर
- बलदेव - 10 हजार किलो गुलाल, एक हजार किलो टेसू के रंग
- श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद के डोला में - 10 हजार किलो से अधिक गुलाल
- ठाकुर राधावल्लभजी के डोले में - 10 हजार किलो गुलाल
- ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर- पांच हजार किलो गुलाल, टेसू का रंग
- द्वारिकाधीश मंदिर- पांच हजार किलो गुलाल
- पागल बाबा मंदिर डोला- पांच हजार किलो गुलाल
- श्रीकृष्ण जन्मस्थान- तीन हजार किलो गुलाल

हाथरस और दिल्ली से होती है सप्लाई
ब्रज में होली के उत्सव के लिए मथुरा के गुलाल कारखानों के अलावा हाथरस और दिल्ली से भी बड़ी मात्रा में गुलाल आता है। गुलाल फैक्ट्री स्वामी दिलीप अग्रवाल ने बताया मथुरा में होली पर गुलाल की बड़ी खपत होती है। इसके लिये छोटे कारोबारी हाथरस और दिल्ली की मंडियों से भी गुलाल लेकर आते हैं। 
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