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Mathura News: फ्लैट न देने पर लगाया 50 हजार का जुर्माना

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मथुरा। चितवन रेजिडेंटल प्रोजेक्ट (हाईटेक बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड) पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने 50 हजार रुपये का जुर्माना और बुकिंग धनराशि वापस करने का आदेश सुनाया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने फ्लैट बुकिंग के नाम पर 1.80 लाख रुपये लिए, लेकिन दो साल बाद भी फ्लैट निर्माण कराके नहीं दिया।
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मोतीकुंज के नटवर नगर निवासी बीएस टैंगर ने बताया कि उन्होंने चितवन रेजिडेंटल प्रोजेक्ट में 747 वर्गफीट का फ्लैट 14 दिसंबर 2014 को बुक कराया। इसकी एवज में उन्होंने 1.80 लाख रुपये जमा कराए। कंपनी के निदेशक फरीदाबाद निवासी दीपक गुप्ता के कर्मचारियों ने उन्हें दो साल के अंदर फ्लैट निर्माण करके देने का वायदा किया।

31 जनवरी 2015 को बिल्डर ने उन्हें वैलकाम लेटर दिया और फ्लैट को 747 वर्ग फीट के स्थान पर 830 वर्ग फीट कर दिया। 25 अगस्त 2015 को 3.98 लाख रुपये में से 1.80 लाख घटाकर तथा 13 हजार 944 रुपये जोड़कर 2.32 लाख रुपये की मांग की गई, जबकि मौके पर कोई निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ था। वादी ने 11 सितंबर 2015 और 14 अक्तूबर 2015 को पत्र भेजकर अभिलेख मांगे।
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3 नवंबर 2015 को पुनः अभिलेख के लिए पत्र लिखा तब कुछ अभिलेख उपलब्ध कराए और 2.32 लाख रुपये की मांग की। दो साल बाद भी फ्लैट का निर्माण कार्य शुरू न होने पर वादी ने 1.80 लाख रुपये वापस मांगे, लेकिन बिल्डर ने बुकिंग धनराशि वापस नहीं की। वादी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के यहां 5 अगस्त 2017 को वाद दायर किया।

वाद में उन्होंने बिल्डर और उसकी कंपनी को पार्टी बनाया। आयोग के अध्यक्ष नवनीत सहगल की अध्यक्षता में छवि सिंघल और मनीष परमार ने वाद की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान बिल्डर की कमी सामने आई। इस पर आयोग ने बिल्डर को 1.80 लाख रुपये 8 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज के साथ करने के आदेश दिए।
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