नौहझील। कस्बे में लंबे समय से जर्जर हाल में पड़ी पानी की टंकी को मंगलवार दोपहर प्रशासन ने ढहा दिया। वर्ष 1980 में निर्मित यह टंकी पिछले सात-आठ वर्षों से खस्ताहाल स्थिति में थी, जिसका प्लास्टर गिर रहा था। घनी आबादी के बीच बनी टंकी के पास तीन विद्यालय, मंदिर, पंचायत घर और काफी मकान थे। लोगों को हर वक्त अनहोनी की आशंका रहती थी।
ग्रामीणों की शिकायतों और सुरक्षा जोखिम का संज्ञान लेते हुए जल निगम ने इस टंकी को ध्वस्त करने का निर्णय लिया। मंगलवार को जल निगम के जेई सुधीर भारद्वाज की देखरेख में ठेकेदार मोहम्मद मुशर्रफ कुरैशी द्वारा क्रेन की मदद से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। देखते ही देखते जर्जर ढांचा पूरी तरह धराशायी किया गया। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। जल निगम के जेई सुधीर भारद्वाज ने बताया कि यह टंकी लगभग 46 वर्ष पुरानी थी। तकनीकी रूप से जर्जर घोषित थी। सुरक्षा की दृष्टि से इसे सफलतापूर्वक गिराया गया है। संवाद