मथुरा। वन विभाग के तत्वावधान में बुधवार को गोकुल बैराज पर विश्व वेटलैंड दिवस के उपलक्ष में बर्ड वाचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैराज के आसपास पक्षियों की अनेक प्रजातियों को देखकर शिक्षक व छात्र रोमांचित हो गये। यहां बीआरडीएस के अध्यक्ष व पक्षी विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह ने वेटलैंड, माइग्रेशन, फ्लाई-वे व प्रवासी पक्षियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीएफओ रजनीकांत मित्तल ने कहा कि विश्व स्तर पर वेटलैंड संरक्षण और इसके महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व वेटलैंड दिवस हर साल 2 फरवरी को मनाया जाता है। इस साल विश्व वेटलैंड दिवस की थीम वेटलैंड कार्ययोजना मानव व प्रकृति के लिए रही।
जैव विविधता के अध्ययन व संरक्षण से जुड़ी संस्था बीआरडीएस के अध्यक्ष डॉ. के पी सिंह ने बताया कि वेटलैंड्स जलीय जीवों, उभयचरों एवं पक्षियों के प्राकृतिक आवास होते हैं। वेटलैंड्स पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत जल को प्रदूषण से मुक्त बनाना, कार्बन अवशोषित व भूजल स्तर को सुधारने जैसा अति महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि मथुरा में जोधपुर झाल, वृंदावन, सुनरख बांगर, यमुना नदी की खादर , सोनोठ, राधाकुंड , गोवर्धन, कौरेर , अडीग, खायरा , कोसी , कोकिला वन, गोकुल बैराज, कोयला-अलीपुर , फरह , गोवर्धन नाला आदि वेटलैंड्स पर प्रवासी पक्षी शरण पाते हैं। मथुरा में वेटलैंड पर प्रवासी प्रजातियों का डेरा रहता है। यहां 250 से अधिक प्रजातियां रिकॉर्ड की गई हैं। अकेले जोधपुर झाल पर 184 प्रजातियां पाई जाती हैं। वन क्षेत्राधिकारी ब्रजेश सिंह परमार, रन सिंह, धर्मेंद्र सहित रिषीकुल इंटरनेशनल स्कूल महावन के शिक्षक व विद्यार्थियों ने लिया भाग लिया।