नवीन गोयलकोसीकलां। रिवेंप और 30 करोड़ की बिजनेस प्लान के तहत विद्युतीकरण के काम हो रहे हैं, लेकिन सप्लाई अभी भी जर्जर खंभों, बांस-बल्लियों पर झूलती लाइन से मिल रही है। ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर और जर्जर तारों का जाल पहले की तरह समस्या बना है।
कमला नगर, बैंक काॅलोनी में तो आज भी बांस-बल्लियों के सहारे तार खींचे हुए हैं। लोगों की जान से खिलवाड़ करते हुए सिर छूती लाइनें मोहल्लों से गुजर रही हैं। जिन मोहल्लों में लाइनें ठीक हैं, उन्हें अभी तक नही बदला जा रहा है। जबकि ऐसे इलाकों में कोई ठोस कार्य नहीं हो रहा। जर्जर तारों से छुटकारा नही मिल पा रहा है। आर्य नगर, भगवती रोड, शिव विहार काॅलोनी, नंदगांव रोड, शेखान गली, खेड़ा, निकासा, हरी विहार काॅलोनी समेत कई इलाकों में तार पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं।
दिल्ली गेट पर तो कोई गली ऐसी होंगी जहां का मकड़जाल बना है। लालाराम मार्ग, दिल्ली गेट समेत ट्रांसफाॅर्मरों की जर्जर हालत है, जिनसे घंटों तक फीडर बंद रहते हैं। सीधे ही केबल खींच दिए गए हैं, जिनमें आए दिन आग लगती है और ट्रांसफाॅर्मर भी फुंक जाते हैं। ऐसे ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड हैं जिनकी न तो क्षमता बढ़ाई गई है और न ही जर्जर तार बदले गए हैं।
वहीं अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री ललित अग्रवाल एडवोकेट का आरोप लगाया कि योजना के तहत काम कर रहा ठेकेदार काॅलोनाइजरों से मिलकर टाउन में काम न करके निजी कॉलोनियों में काम कर रहे है। जिससे नगरवासी परेशान है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है, तो एक्सईएन दिनेश यादुवेंद्र ने कहा कि यदि कहीं ऐसा हुआ होगा तो जांच कराकर कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया। संवाद
बिजनेस प्लान के तहत नगर में काम चल रहा है। तेज गर्मी के चलते काम बाधित हुआ है। मौसम में परिवर्तन होते ही तेजी से काम कराया जाएगा। जिससे नगर की आपूर्ति में आमूल-चुल परिवर्तन होगा।
-सर्वज्ञ श्रीवास्तव, उपखंड अधिकारी, कोसीकलां