कस्बा के समीप गांव चिकसौली और मानपुर में आइसक्रीम खाने के बाद 25 बच्चे फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। हैरत की बात तो ये है कि घटना के समय बरसाना के सरकारी अस्पताल में कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। परिवारीजनों को निजी अस्पतालों में मासूमों के इलाज के लिए दौड़ना पड़ा। मंगलवार को जिला अस्पताल से चिकित्सकों की टीम गांव भेजी गई। एसडीएम ने मामले में आइसक्रीम विक्रेता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना सोमवार शाम की है। गांव में एक व्यक्ति आइसक्रीम बेचने आया था। इस पर कई बच्चों ने आइसक्रीम खरीदी और उसका सेवन किया। कुछ अन्य लोगों ने आइसक्रीम खाई। इसके कुछ देर बाद ही सभी के पेट में दर्द और उल्टियां होने लगीं। हालत बिगड़ने पर परिवारीजन बच्चों को लेकर बरसाना के सरकारी अस्पताल में पहुंचे। वहां कोई भी डॉक्टर और कर्मचारी मौजूद नहीं था।
पूरा अस्पताल बच्चों की चीख से गूंजने लगा। ऐसे में परिवारीजनों ने बीमार बच्चों को प्राइवेट अस्पताल में दिखाया। मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर अमित गुप्ता गांव चिकसौली पहुंचे। इधर जिला कंट्रोल रूम से डा. मेघश्याम के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम पहुंची। बीमार हुए बच्चों में गौरव, सोनिया, वीरपाल, निकेतन, प्रियंका, सलौली, कनिशा, राम आदि हैं। चिकित्सकों ने बताया कि अब सभी की हालत में सुधार है। गांव में कुल 79 लोगों का उपचार किया गया है।
इधर, मंगलवार शाम को एसडीएम छाता रामअरज यादव गांव चिकसौली पहुंचे और बीमार लोगों से पूछताछ की। इसके बाद उन्होंने दूषित आइसक्रीम बेचने के आरोप में नरेश निवासी कटरा बरसाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी।
एक्सपायर्ड दवाएं देने का आरोप
बरसाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों और कर्मचारियों के मौजूद न रहने से गांव के लोगों में आक्रोश है। गांववासियों का आरोप है कि बीमार होने के बाद बच्चों को जो दवाएं दी गईं, उन पर एक दो दिन बाद की एक्सपायरी डेट अंकित थी।