मथुरा। बृहस्पतिवार देरशाम आई तेज आंधी ने जिले की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कुछ ही घंटों की आंधी से जिलेभर में बिजली के 211 खंभे धराशायी हो गए और 18 ट्रांसफाॅर्मर फुंक गए। इसके चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति चरमरा गई। शुक्रवार दोपहर तक शहर के कई हिस्सों समेत 50 से अधिक गांवों में बिना बिजली के लोग गर्मी व पानी के संकट से जूझते रहे।
गोवर्धन में 70 विद्युत खंभे और छह ट्रांसफाॅर्मर, बलदेव-फरह में 54 खंभे और 5 ट्रांसफाॅर्मर, लक्ष्मी नगर में 45 खंभे और 5 ट्रांसफाॅर्मर तथा मांट में 42 विद्युत खंभे और दो ट्रांसफाॅर्मर फुंक गए। कई इलाकों में खंभे गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। आंधी से सबसे अधिक नुकसान 11 केवी और 33 केवी लाइनों को हुआ है। भीषण गर्मी में बिजली गुल होने से घरों में पंखे, कूलर और एसी बंद हो गए, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पेयजल संकट भी गहरा गया। कई मोहल्लों में लोग रातभर गर्मी में जागने को मजबूर रहे। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि आंधी के कारण क्षतिग्रस्त हुए विद्युत खंभे और ट्रांसफाॅर्मरों को बदलने का कार्य किया जा रहा है।
अधिकारियों की परेशानी बढ़ाई
बृहस्पतिवार को आई आंधी से क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरणों को विद्युत निगम की टीम बदल भी नहीं पाई थी कि शुक्रवार को दोबारा तेज हवाओं ने विद्युत खंभों और ट्रांसफाॅर्मरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। कई स्थानों पर खंभे टूट गए तथा ट्रांसफाॅर्मर गिर गए। टीम मौके पर पहुंचकर सुधार कार्य में जुट गई। जिले के लगभग सभी सब स्टेशनों में लगे विद्युत उपकरणों में खराबी आ गई। इसे सुधारने के लिए निगम की तकनीकी टीम देर रात तक सुधार कार्य में जुटी रही।