जवाहरबाग हिंसा मामले में पुलिस कर्मियों की गवाही 20 फरवरी से शुरू होगी। 22 फरवरी तक बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस कर्मियों का पक्ष जानने के बाद सभी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को बुलाया जाएगा।
जवाहरबाग में दो जून 2016 को हुई हिंसा में दो पुलिस अधिकारी मारे गए थे। जबकि 27 कब्जाधारियों की भी मौत हुई थी। इनमें जवाहरबाग हिंसा का सूत्रधार रामवृक्ष यादव भी था। प्रदेश सरकार ने इस हिंसा की जांच को न्यायिक आयोग का गठन किया था।
तभी से इस हिंसा की जांच चल रही है। पहले लोगों के बयान हुए और फिर शपथ पत्र लिए गए। इसके बाद गवाही हो रही है। आपरेशन जवाहरबाग में जो भी पुलिस वाले शामिल रहे थे उन सभी की पेशी हो रही है। हिंसा के बारे में पूछा जा रहा है।
न्यायिक आयोग के सचिव सेवानिवृत्त जनपद न्यायाधीश पीके गोयल ने बताया कि 20 फरवरी से फिर गवाही शुरू होगी। 20, 21 और 22 फरवरी तक बयान दर्ज होंगे। पुलिस कर्मियों के बयान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस घटना के संबंध में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बयान लिए जाएंगे। इस संबंध में भी सभी को नोटिस भेजा जा रहा है।
पुलिस ने रामवृक्ष के डीएनए के मिलान के लिए उसके बेटे के खून और बाल के सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजे थे। डीएनए रिपोर्ट अदालत में भी पेश की जानी है। अभी तक प्रयोगशाला से रिपोर्ट आई नहीं है। इस रिपोर्ट के बाद ही रामवृक्ष की मौत की वैज्ञानिक पुष्टि होगी। अफसरों का मानना है कि जल्द ही डीएन की रिपोर्ट आ जाएगी।