मथुरा। शैक्षिक सत्र 2024-25 में अब करीब करीब दो महीने का समय ही बचा है। इसके बावजूद परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत जिले के 19 हजार विद्यार्थियों को जूते-मोजे और ड्रेस खरीदने के लिए 12-12 सौ रुपये की धनराशि नहीं मिली है। बीएसए का कहना है कि आधार कार्ड का बैंक खातों से सीडेड न होना इसका एक कारण है।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सरकार की ओर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत 12-12 सौ रुपये की धनराशि दी जाती है। ताकि विद्यार्थी स्वेटर, जूते-मोजे, यूनिफॉर्म और बैग खरीद सकें। जिले में 1.36 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से अभी भी लगभग 19 हजार ऐसे विद्यार्थी हैं, जिनके बैंक खातों में यह धनराशि नहीं पहुंची है। विभागीय अधिकारियों का कहना है इनमें से कुछ ऐसे विद्यार्थी हैं, जिनके आधार कार्ड बैंक खातों से सीडेड नहीं है। इसके अलावा कुछ विद्यार्थियों के पास आधार कार्ड भी नहीं है।
ब्लॉक पर भी नहीं बन पा रहे आधार कार्ड
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रत्येक ब्लॉक पर आधार कार्ड बनवाने की सुविधा दी गई थी। इसके अलावा कुछ ब्लॉक पर आधार कार्ड मशीन न होने तो कुछ पर ऑपरेटर की कमी की वजह से आधार कार्ड बनवाने में समस्या हो रही है। इसकी वजह से विद्यार्थियों को आधार कार्ड बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है।
आधार कार्ड बनवाने और उन्हें अपडेट कराने के लिए सभी बीईओ को निर्देशित किया गया है।
-सुनील दत्त, बीएसए