यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में किसी परीक्षा केंद्र पर बोलकर तो कहीं ब्लैक बोर्ड पर लिखकर नकल कराई जा रही है। नकल के एवज में परीक्षार्थियों से चार हजार से लेकर आठ हजार तक वसूले जा रहे हैं। जिले में अब तक छह परीक्षा केंद्रों के डिबार की संस्तुति हो चुकी है। करीब 40 को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू हुई थीं। नकल रोकने के लिए ठोस योजना तैयार की गई। पूरे जिले को जोन और सेक्टर में बांट दिया। इसके बाद भी पहले ही पेपर में प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के प्रयासों की नकल माफियाओं ने कलई खोलकर रख दी।
पहले ही दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कुल 49 नकलची पकडे़ गए। अब परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को या तो बोलकर या ब्लैक बोर्ड पर लिखकर नकल कराई जा रही है। इससे परीक्षार्थियों के पास पर्ची मिलने का अंदेशा खत्म हो गया है। इसके बाद भी नकलची पकडे़ जा रहे हैं। अब तक लगभग 140 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े जा चुके हैं।
चार परीक्षा केंद्रों पर निरस्त हो चुकी हैं परीक्षाएं
अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण में मिली सामूहिक नकल के चलते जिले में चार परीक्षा केंद्रों की परीक्षा निरस्त की जा चुकी हैं। इनमें मुकद्दम बिहारीलाल इंटर कालेज महुअन, केरन सिंह इंटर कालेज धानातेजा, पंडित जयराम उमा विद्यालय नगला पापरी और सेठ प्रेमसुखदास इंटर कालेज फरह शामिल हैं।
छह परीक्षा केंद्र की डिबार की संस्तुति
निरीक्षण में परीक्षार्थियों द्वारा की जा रही नकल, भीड़ के बाहरी दबाव और केंद्र के अंदर से परीक्षार्थियों को नकल करने में मिल रहे सहयोग को देखते हुए अब तक सात परीक्षा केंद्रों की डिबार की संस्तुति हो चुकी है। इनमें सेठ प्रेमसुखदास इंटर कालेज फरह, निहाल सिंह इंटर कालेज, राधागोपाल उमा विद्यालय राया, मुकद्दम बिहारीलाल इंटर कालेज महुअन, केरन सिंह इंटर कालेज धानातेजा, पंडित जयराम उमा विद्यालय नगला पापरी शामिल हैं।
40 परीक्षा केंद्रों को नोटिस
परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से नकल कराने की एवज में मांगे जा रहे रुपयों और कापियों को देरी से जमा करने की शिकायत पर अब तक लगभग 40 परीक्षा केंद्रों को नोटिस जारी किया जा चुका है। डीआईओएस डॉ. आईपी सिंह सोलंकी ने बताया कि संतुष्टि जनक उत्तर न मिलने पर सभी के विरुद्ध डिबार की संस्तुति होगी।