मथुरा के कोसीकलां में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने करीब 1200 किलो संदिग्ध और अस्वच्छ पनीर बरामद कर मौके पर नष्ट करा दिया। करीब तीन लाख रुपये कीमत के पनीर के क्रय-विक्रय से जुड़े अभिलेख कारोबारी नहीं दिखा सका। तीन नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
मथुरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मंगलवार को कोसीकलां क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए करीब 1200 किलोग्राम पनीर बरामद कर नष्ट कराया। पनीर की अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई है। गुणवत्ता पर संदेह होने के चलते पनीर के तीन नमूने जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
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आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी मथुरा के आदेश के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई। सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. जतिन कुमार सिंह के निर्देशन और कमलेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में खाद्य सचल दल ने एनएच-2 स्थित हाईवे किंग ढाबा, कोसीकलां, तहसील छाता के पास बोलेरो वाहन संख्या डीएल 1एलएएन 2511 का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान वाहन के चालक एवं मालिक सत्यवीर पुत्र विश्वभर, निवासी ग्राम खेड़ली जालो, थाना कामां, जनपद डीग, राजस्थान ने टीम को बताया कि वाहन में करीब 1200 किलोग्राम पनीर बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। इसकी अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई। टीम ने जब पनीर के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेख मांगे तो कारोबारी कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध और अस्वच्छ पाए जाने पर उसके तीन नमूने संग्रहित किए। नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। वहीं, अस्वच्छ, दूषित एवं संदिग्ध पाए गए पूरे 1200 किलोग्राम पनीर को जनहित में मौके पर ही त्वरित रूप से नष्ट कराया गया।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित कारोबारी के विरुद्ध नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह, मोहर सिंह कुशवाह, अरुण कुमार और दिनेश भारती मौजूद रहे।