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मेनका गांधी ने सीएम से पूछा, कहां है 'बादशाह'

Wed, 06 Feb 2013 09:59 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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यूपी में वन्यजीवों के संरक्षण में लगातार बरती जा रही लापरवाही पर सांसद और पीपुल्स फॉर एनिमल्स (पीएफए) की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मेनका गांधी ने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मंगलवार को लिखे पत्र में दुधवा नेशनल पार्क से लापता चल रहे रहमानखेड़ा के ‘बादशाह बाघ’ के बारे में जानकारी चाही है। उनका कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों को बाघ की मौजूदगी के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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मेनका का कहना है कि विगत दिनों कानपुर चिड़ियाघर में कुत्तों के हमले में दुर्लभ प्रजाति के 31 काले हिरणों की मौत के मामले में आला अधिकारी जांच के नाम पर दोषियों को बचाने में जुटे हैं। उन्होंने अपने पत्र में बरेली डीएफओ पर वन्यजीवों के संरक्षण में लीपापोती तथा तस्करों को बचाने का मामला भी उठाया है।

मेनका का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के चलते विगत दिनों वन्यजीव तस्करी तथा वन्य जीवों के साथ बर्बरता की घटनाएं एकाएक बढ़ गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सभी मामलों में उच्चस्तरीय जांच के अलावा दोषियों के विरुद्ध आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई करने की उम्मीद जताई है।
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उधर, पीएफए के प्रदेश सचिव सतीश यादव ने कहा कि अगर सरकार जल्द ठोस कार्रवाई नहीं करेगी तो संगठन के सदस्य  आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

वन्यजीव प्रेमी जता रहे अनहोनी की आशंका
जनवरी 2012 की शुरुआत में खीरी से भटक कर एक वयस्क नर बाघ राजधानी के रहमानखेड़ा इलाके में आ पहुंचा था। कई टीमों और विशेषज्ञों ने तीन हथिनियों की मदद से उसे 111 वें दिन पकड़ा और दुधवा के सोनारीपुर रेंज के आगे ले जाकर छोड़ दिया। चूंकि बाघ के गले में रेडियो कॉलर पहनाया गया था, ऐसे में शुरू में तो उसकी लोकेशन मिलती रही, लेकिन बाद में वह रडार से गायब हो गया। वन्यजीव प्रेमी शुरुआत से ही आशंका जता रहे हैं कि रहमानखेड़ा के ‘बादशाह’ के साथ महीनों पहले अनहोनी हो चुकी है।
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