भोगांव के गांव नाका में पशु बांधने के विवाद के बीच एक युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजन ने गांव में ही रहने वाले रिश्तेदारों पर ईंट मारकर हत्या करने का आरोप लगाया। मृतक बचपन से अपने मामा के घर पर रह रहा था। मौत की वजह जानने के लिए पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है।
जनपद एटा के गांव दलेलपुर निवासी 27 वर्षीय रंजीत लोधी बचपन से ही नाना भोजराज के घर पर रह रहा था। मां गंगाश्री भी उनके साथ रह रही थीं। घर के सामने ही मामा के ताऊ का परिवार रह रहा था। कुछ समय पहले रिश्तेदारों ने अपनी जगह को ऊंचा करा लिया था, वहां पशुओं को बांध रहे थे, ऊंचाई होने की वजह से गंदगी रंजीत के घर की ओर आती थी। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद होता था।
बुधवार सुबह भी इसी को लेकर विवाद हुआ। मृतक की मां गंगाश्री और मामा ने आरोप लगाया कि नामजद रिश्तेदारों ने घर से बाहर जाते समय रंजीत पर हमला कर दिया। ईंट से प्रहार कर उसे मार डाला। घायल रंजीत को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां जांच के बाद चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद प्रभारी निरीक्षक गांव पहुंचे, घटना के बारे में जानकारी जुटाई। सीओ भोगांव रामकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।
इकलौता पुत्र था रंजीत
एटा के गांव दलेलपुर की रहने वाली गंगाश्री के पति शराबी थे, इकलौता पुत्र रंजीत गलत सोहबत में न पड़ जाए। इस वजह से उन्होंने बेटे को ननिहाल गांव नाका भोगांव मामा राजेश के घर भेज दिया था। रंजीत की परवरिश मामा के घर पर हुई, मां भी अधिकतर बेटे के साथ ही रहती थी। मामा राजेश की पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी, एक बेटा दिव्यांग था। मामा ने भांजे रंजीत पर अपार प्रेम लुटाया और अपने हिस्से की दो बीघा जमीन उसके नाम कर दी थी। बड़े होने के साथ रंजीत ने जमीन पर मेहनत की और धीरे-धीरे खुशहाल जीवन जीने लगा था। शादी होने के बाद दो बच्चों का पिता बन गया था। मगर, बुधवार को उसकी खुशियों पर किसी की नजर लग गई। रंजीत की मौत के बाद घर में मातम छाया है।