अनंत चतुर्दशी जिले भर में श्रद्धाभाव के साथ मनाई गई। जिनालयों में धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। जिनालयों में सामूहिक अभिषेक पूजन किया गया। सुबह से ही जैन समाज के लोग जिनालयों में दर्शन वंदना के लिए निकल पड़े। श्री पार्श्वनाथ जिनालय में सामूहिक अभिषेक पूजन कर लाड़ू चढ़ाया गया। महावीर जिनालय में नैवेद्य चढ़ाकर पूजा-अर्चना की गई।
अनंत चतुर्दशी पर घर-घर में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर बांह में अनंत बांधा गया। घरों में श्रद्धालुओं ने विधिविधान से भगवान विष्णु जी की पूजा-अर्चना की और कई घरों में कथा का आयोजन किया गया। जैन मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों का सुबह से देर शाम तक दौर चला। जैन मंदिरों में पूरे दिन धार्मिक कार्यक्रम हुए। बड़ी संख्या में जैन समाज के स्त्री, पुरुष और बच्चे दर्शन वंदना के लिए जिनालयों में पहुंचे।
श्री पार्श्वनाथ जिनालय में पूरे दिन धार्मिक कार्यक्रम होते रहे। सुबह सामूहिक अभिषेक पूजन किया गया। महिलाओं ने भजन-कीर्तन किए। निर्वाण लाड़ू चढ़ाया गया। शाम को सामूहिक आरती की गई। महावीर जिनालय में नैवेद्य चढ़ाकर पूजा अर्चना की गई। मोहल्ला कटरा स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। सुबह सामूहिक पूजन एवं सायंकाल सामूहिक आरती की गई। दोपहर को सामूहिक पूजन एवं कलशाभिषेक का कार्यक्रम हुआ।
करहल में अनंत चतुर्दशी पर तीर्थंकर भगवान वासु पूज्य का निर्वाण लाड़ू चढ़ाया गया। नगर के पांच जैन मंदिरों एवं दो चैत्यालयों में श्री जी का विधि विधान से पूजन किया गया। सुबह सामूहिक अभिषेक वंदना एवं शाम को आरती उतारकर धर्म के दशलक्षणों की मीमांसा प्रस्तुत की गई।
कुरावली में आदिनाथ जिनालय में अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया गया। सुबह सामूहिक अभिषेक पूजन कर निर्वाण लाड़ू चढ़ाया गया। शाम को आरती उतारने के पश्चात जैन समाज के बालक-बालिकाओं ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।