जिले में बारिश के साथ बीमारियों की भी बाढ़ आ गई है। बुखार, डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शनिवार को ही जिला अस्पताल में बुखार, डायरिया से पीड़ित 26 रोगी भर्ती किए गए। वहीं बुखार से जकड़े दर्जनभर बच्चों को भी जिला अस्पताल लाकर उपचार कराया गया।
मानसून आते ही जिले में डायरिया, बुखार, खांसी, जुकाम एवं चर्मरोग के पीड़ितों की भीड़ बढ़ने लगी है। सरकारी, निजी हास्पिटल एवं झोलाछाप चिकित्सकों के यहां रोज बीमारों की मेला सा दिखता है। शनिवार को ही जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार और डायरिया से पीड़ित 26 मरीजों को भर्ती कराया गया। वहीं बुखार से तप रहे जीएडी आवासीय पब्लिक स्कूल के एक दर्जन बच्चे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए गए। बुखार के साथ ही ये बच्चे खंासी जुकाम से भी पीड़ित थे। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ जेजे राम ने बताया कि मौसम में आए बदलाव से इन दिनों वायरल फीवर के रोगी बढ़े हैं। वहीं सीएचसी, पीएचसी में समय से चिकित्सकों के न पहुंचने के चलते रोगियों को इलाज की दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। ऐसे में बीमारों को निजी चिकित्सक अथवा झोलाछाप के क्लीनिक में जाना पड़ता है। वहीं जिला अस्पताल में भी अभी तक संक्रामक रोगों के नियंत्रण के लिए कंट्रोलरूम नहीं बनाया गया है।