सर्दी बढ़ने के साथ ही बुजुर्ग और बच्चों की स्थिति बिगड़ रही है। मंगलवार की रात जिला अस्पताल पहुंचे, कोल्ड डायरिया और निमोनिया से पीड़ित दो मरीजों ने दम तोड़ दिया। 11 मरीज गंभीर हालत में भर्ती कराए गए। तीन मरीजों को हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया।
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में बुधवार को सुबह से ही मरीजों की भीड़ रही। ओपीडी में 607 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। बाल रोग विशेषज्ञ और फिजीशियन के कक्ष में सबसे अधिक मरीज पहुंचे। फिजीशियन डॉ. सुमित कुमार और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन सिंह ने बताया कि बाल मरीजों में निमोनिया और कोल्ड डायरिया के मरीजों की संख्या अधिक रही।
मोहल्ला मिश्राना निवासी संदीप कुमार के पुत्र श्रेयांश (3 साल) को कुछ दिनों से सर्दी जुकाम की दिक्कत थी। परिजन निजी डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर मंगलवार की रात परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजन का आरोप है कि मैनपुरी जिला अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने पर वे बच्चे को एटा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
कस्बा बिछवां निवासी सोनू की पुत्री रंजना (डेढ़ साल) को कुछ दिनों से सर्दी जुकाम के साथ कोल्ड डायरिया की दिक्कत थी। परिजन हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां डॉक्टर ने बच्ची को मृत घाेषित कर दिया। सीएमएस डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों ही बच्चों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था।
सर्दी में बच्चों और बुजुर्गों के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- गर्म और परतदार कपड़े पहनाएं
- गुनगुना पानी पिलाएं
- विटामिन सी और डी से भरपूर संतुलित आहार दें
- हाथ धोने जैसी स्वच्छता का ध्यान रखें
- घर का वातावरण गर्म और हवादार रखें
- भीड़-भाड़ से बचाएं, ताकि वे सर्दी-खांसी और अन्य संक्रमण से सुरक्षित रहें
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