विधानसभा चुनाव में 45 दिन तक शहर से लेकर गांव की गलियों तक धूल फांकने, दिनरात हाड़ तोड़ मेहनत करने के बाद विभिन्न दलों के प्रत्याशियों ने सोमवार को राहत की सांस ली। इस दौरान कुछ ने नातिनी और नाती के साथ हंसीखुशी के पल बिताकर तनाव कम किया तो किसी ने पत्नी के साथ उसके कामों में हाथ बंटाकर रिलेक्स महसूस किया। उनके इन तनाव रहित पलों को अमर उजाला की टीम ने कैमरे में कैद किया।
पत्नी के साथ किचिन में बनाया खाना
मैनपुरी सदर से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राजकुमार यादव पिछले कई दिनों से सोमवार की सुबह काफी अलग लग रहे थे। पूर्व में जहां वह कुर्ता पजामा और जैकेट पहने परंपरागत नेता के रूप में दिखते थे। वहीं सोमवार की सुबह वह ट्रैक सूट पहने पत्नी वंदना के साथ किचिन में खाना बनाते दिखे। पूछने पर वह कहते हैं कि जब राजनीति में वंदना उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलती हैं तो फिर खाली समय के दौरान मैं क्यों नहीं उनका हाथ बंटा सकता है।
उनका कहना है कि किचिन में पत्नी के साथ काम करते समय तनाव रफूचक्कर हो जाता है।
नातिनी को देख थकान हुई दूर
सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी अशोक चौहान नजदीकी गांव नगला जुला में रहते हैं। जब वहां पहुंचे तो वे अपनी दोनों नातिन के साथ खेलने में व्यस्त थे। पिछले 40 दिनों से दिनरात चुनाव कार्यालय और जनता के बीच रहने के कारण परिवार के साथ एक क्षण का भी समय नहीं बिताया था। रविवार को मतदान होने के बाद देर रात वे अपने घर पहुंचे। तब तक दोनों नातिन सो चुकी थीं। सोमवार की सुबह जागते ही वे उनके लिपट गईं। तब से तनाव कम करने के लिए वे उन्हीं के साथ खेलने में मशगूल रहे। उनका कहना है कि दोनों बच्चियां संध्या और पिंकी को देख सारी थकान दूर हो जाती है।
महाराज सिंह ने बेटे से कराई चंपी
बसपा से महाराज सिंह शाक्य सोमवार की सुबह शारीरिक और मानसिक थकान दूर करने के लिए अपने बेटे से सिर की मसाज करते दिखे। पिछले 45 दिनों से काफी व्यस्त दिनचर्या के बाद सोमवार को उन्हें परिवार के साथ समय बिताने की फुरसत हुई। पिछले कई दिनों से वे देर रात घर पहुंचते थे और सुबह जल्दी क्षेत्र में प्रचार के लिए निकल जाते थे। सोमवार को उन्होंने जागने के बाद पहले परिवार के साथ कुछ समय बिताया। इसके बाद छोटे बेटे इंजीनियर अखिलेश सिंह शाक्य से सिर की चंपी कराई। ताकि दिमाग पर हावी थकान से मुक्ति मिल सके।
रामनरेश ने नातिनी के साथ खेल उतारी थकान
भोगांव विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी रामनरेश अग्निहोत्री ने नातिन के साथ खेलकर अपनी थकान उतारी। वे देर रात घर पहुंचे। थकान के चलते उनकी तबियत खराब हो गई थी। सुबह देरी से उठने के बाद से वह नातिन नीति के साथ ही खेल रहे थे। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ खेलने से दिमागी तनाव कम हो जाता है। वहीं पिछले 20 दिन से उन्हें इतना समय नहीं मिला की कुछ मिनट भी परिवार के साथ गुजार पाते। यही कारण है कि पूरे दिन वह घर पर ही पत्नी और बच्चों के साथ रहे। इस दौरान कोई खास मित्र या पार्टी वाला आ गया तो उससे कुछ देर बात की। इसके अलावा सोमवार को उन्होंने राजनीतिक व्यक्तियों और बातों से दूरी बनाए रखी।
फुर्सत मिली तो पत्नी के साथ किचिन में बटाया हाथ
भोगांव से सपा प्रत्याशी आलोक शाक्य सोमवार को फुर्सत मिलते ही पत्नी के साथ किचिन में समय गुजारते दिखे। उन्हें खाली समय में पत्नी के साथ किचिन में कुकिंग करने से काफी सुकून मिलता है। जब अमर उजाला की टीम वहां पहुंची तो वह किचिन में बैठकर पत्नी जैसा सुबह का नाश्ता बना रहे थे। उनका कहना है कि पत्नी के साथ घर पर काम करने से बड़ा सुकून मिलता है।
सुमन ने बनाया स्पेशल नाश्ता
किशनी से जनअधिकार मंच की प्रत्याशी सुमन दिवाकर सोमवार को खाली समय में अपने परिवार के लिए स्पेशल नाश्ता और खाना बनाने की तैयारी करती दिखीं। उनका कहना था कि पिछले 24 दिनों से उनके पति और बच्चे दिनभर क्षेत्र में ही प्रचार कर रहे थे। इसके चलते समय न मिलने पर वे उन्हें ढंग से खाना बनाकर भी नहीं खिला पा रही थीं। सोमवार को जैसे ही खाली समय मिला। पूरे परिवार के लिए अपने हाथों से भोजन बनाना शुरू कर दिया।