सीधे खातों में जाएगा गेहूं खरीद का भुगतान
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इस बार गेहूं खरीद केंद्रों पर आने वाले किसानों को भुगतान सीधे उनके खातों में किया जाएगा। केंद्रों से इस बार किसानों को चेक आदि से भुगतान नहीं होगा। शासन ने यह व्यवस्था पिछले वर्षों में भुगतान के दौरान आई समस्याओं के चलते लिया है। इसके लिए किसानों का बैंक के सीबीएस ब्रांच में खाता होना आवश्यक है। वहीं कुछ कागजी कार्रवाई भी केंद्र पर पूरी करनी होगी।
बता दें कि जिले में कुल 73 केंद्र गेहूं खरीद के लिए एक अप्रैल से खुल चुके हैं। हालांकि अभी तक किसी भी केंद्र पर गेहूं की खरीद शुरू नहीं हुई है। कारण अभी गेहूं की फसल की कटाई शुरू हुई है। कहीं भी अभी थ्रेसिंग का कार्य शुरू नहीं हुआ है। वहीं पिछली बार आई शिकायतों के चलते इस बार सरकार ने केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए आने वाले किसानों को ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की है। उल्लेखनीय है कि पिछली बार कहीं समय से चेक पेश न होने तो कहीं चेक गुम होने यह पानी आदि से खराब होने की शिकायतें आई थीं। इसके चलते कई किसानों का समय से भुगतान नहीं हो सका था, वहीं कई को पुन: चेक बनवाने के लिए महीनों चक्कर लगाने पड़े थे। यही कारण है कि इस बार किसानों को ऑनलाइन भुगतान उनके खातों में करने की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन भुगतान के लिए सबसे पहले किसानों का किसी भी बैंक के सीबीएस ब्रांच में खाता होना चाहिए। इसके अलावा केंद्र पर गेहूं बिक्री के समय उसे खतौनी, बैंक की पासबुक और अपना आईडी प्रूफ भी देना होगा। ताकि भुगतान किसी गलत खाते में न हो जाए।
सरकार का ऑनलाइन भुगतान सही नहीं है। यह जरूरी नहीं है कि हर किसान के पास सीबीएस ब्रांच में खाता हो। ऐसे में सरकार को इसका विकल्प भी देना चाहिए।
संजू किसान, नगला भसू
सरकार का निर्णय सही है। इससे भुगतान के दौरान धोखाधड़ी नहीं होगी। वहीं चेक खराब होने, छीने जाने आदि का भी डर नहीं रहेगा।
रविंद्र किसान, मैनपुरी
ऑनलाइन भुगतान का निर्णय सही है, लेकिन अधिकारियों की लेटलतीफी के चलते भुगतान में समस्या आएगी। जब तक अधिकारियों की इच्छा नहीं होगी वह भुगतान लटकाए रखेगा। ऐसे में किसानों की परेशानी कम होने के स्थान पर बढ़ेगी।
मोहन किसान, नगला दौलत
ऑनलाइन भुगतान से किसानों को कोई ज्यादा फायदा नहीं होने वाला। उलटे कम पढ़े लिखे और अशिक्षित किसानोें को कागजी कार्रवाई पूरी करने में और अधिक दिक्कतें आएंगी।
संतोष, किसान नगला मूले