विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नगला केहरी के ग्रामीणों ने बहुजन किसान दल के नेता लाल कुमार उर्फ लालू यादव और जिलाध्यक्ष वीरभान सिंह के नेतृत्व में बिजलीघर पर प्रदर्शन किया। साथ ही बिजली चोरी के दर्ज कराए गए फर्जी मामले खारिज करने की मांग की। इस दौरान कर्मचारी वहां से भाग गए। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत टीम गांव-गांव मौके पर पहुंचकर चेकिंग करने के बजाय मर्जी से ही लोगों के खिलाफ बिजली चोरी के मामले दर्ज करा रही है।
नगला केहरी के ग्रामीण सोमवार को बिजलीघर पहुंचे और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके गांव में किसी प्रकार का चेकिंग अभियान विभाग की ओर से नहीं चलाया गया। चेकिंग के नाम पर टीम के सदस्यों ने गांव के ही एक घर में बैठकर जिस जिस के नाम बताए, उनके खिलाफ मामले दर्ज करा दिए। यह गलत और उत्पीड़न की कार्रवाई है। सबसे हास्यास्पद बात तो यह है कि जिन ग्रामीणों के विधिवत बिजली कनेक्शन हैं, उनके विरुद्ध चोरी का मामला थाने में दर्ज करा दिया है। जो वास्तव में चोरी करते हैं, उनके खिलाफ कुछ भी नहीं हुआ। एक पीड़ित राजपाल सिंह ने बताया कि उसने तीन माह पूर्व ही विद्युत कनेक्शन कराया था। अभी तक कोई बिल नहीं आया और विभाग ने रिपोर्ट दर्ज करा दी।
उधर, प्रदर्शनकारी ग्रामीणों के आक्रोश को देखकर विद्युतघर पर मौजूद कर्मी भाग गए। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या से जब अवगत कराया तो जेई ने साफ कह दिया कि आप लोगों के यहां की लाइट ठेकेदार के हैंड ओवर है। विभाग का कोई वास्ता नहीं है। फिर यह कैसी रिपोर्ट, कोई डीपी भी नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की कि इस मामले की जांच करके विद्युत विभाग निर्दोष लोगों पर दर्ज मामले वापस ले और गांव में कैंप लगाकर उन्हें कनेक्शन दिए जाएं।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में सुखवीर सिंह, शिशुपाल सिंह, कृष्णानंद, सत्येंद्र, प्रवेश, उपेंद्र, माघव, धर्मेंद्र, धर्मवीर सिंह, केशव, आर्यन आदि ग्रामीण शामिल हैं।