जिले के अतिकुपोषित बच्चों वाले 24 गांवों को डीएम, सीडीओ सहित 11 अधिकारियों ने गोद लिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भी गांव में पहुंचकर बच्चों को स्वस्थ करने का जिम्मा लिया लेकिन स्थिति फिर भी नहीं सुधरी। खासकर कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस रहा। फिर भी जिले में 7815 बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में हैं।
उल्लेखनीय है कि अतिकुपोषित बच्चों को स्वस्थ करने के लिए महानिदेशक राज्य पोषण मिशन ने जिला स्तर अधिकारियों को दो-दो गांव गोद लेने के निर्देश दिए थे। इसमें सर्वाधिक अतिकुपोषित बच्चे विकास खंड किशनी क्षेत्र के ग्राम समान और पतारा में 14-14 मिले थे। यह दोनों गांव डीएम, आठ-आठ कुपोषित बच्चों वाले ग्राम शमशेरगंज और कुचेला सीडीओ ने गोद लिए हैं। इसके साथ ही डीपीआरओ ने रठेह, भदेही, एसीएमओ प्रतिरक्षण ने नाकऊ, कुर्रा जरावन, एसीएमओ एनआरएचएम ने साहब रामपुर, असरोही, डीएओ ने विनायकपुर, किरथुआ, पीडी ने शिवसिंह, सिकंदरपुर, डीएचटीओ ने नवीगंज, बरौली, सीवीओ ने आलीपुर पट्टी, गोविंदेपुर, समाज कल्याण अधिकारी ने शिवसिंहपुर, सलेमपुर पढ़ीना, डीपीओ ने देवीनगर, रोशिंगपुर, एई एमआई ने आठपुरा और तिमनपुर आदि ने गोद लिए हैं। इन गांव को अधिकारियों को गोद लेने से वहां टीम पहुंचकर कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनके परिवारीजनों को जागरूक कर रहे हैं। जबकि अन्य ग्राम पंचायतों में टीम इसे गंभीरता से नहीं लेतीं। इसके चलते बच्चों की संख्या कम नहीं हो रही है। 7815 बच्चे अभी भी अतिकुपोषित की श्रेणी में हैं। जबकि 33024 बच्चे कुपोषित हैं।